प्रधानमन्त्री ने किसान सम्मान निधि के 2,327 करोड़ रुपए उन किसानों को मिले जो दायरे में नहीं
सरकारी योजनाओं में हो रही गड़बड़ी में जीता जागता उदहारण है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना। इस बार तो ये बात सरकार ने भी मान ली है। सरकार ने...

सरकारी योजनाओं में हो रही गड़बड़ी में जीता जागता उदहारण है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना। इस बार तो ये बात सरकार ने भी मान ली है। सरकार ने...
सरकारी योजनाओं में हो रही गड़बड़ी में जीता जागता उदहारण है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना। इस बार तो ये बात सरकार ने भी मान ली है। सरकार ने लोकसभा में बताया है कि इस योजना के तहत 32.91 लाख ऐसे किसानों को 2,327 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया, जो इस योजना के लिए तय क्राइटेरिया में आते ही नहीं थे। यानी, सरकार को 2,327 करोड़ रुपए का चूना लग गया।
आप को बता दे ये पहली बार नहीं है जब सरकार ने इस योजना के तहत गड़बड़ी की बात मानी है। इससे पहल, पिछले महीने ही एक RTI के जवाब में सरकार ने माना था कि किसान सम्मान निधि योजना के तहत 20.48 लाख अपात्र किसानों को 1,364 करोड़ रुपए दे दिए गए।
इस योजना के तहत जिन अपात्र किसानों को रकम भेजी गई, उनमें से 40% यानी हर चौथा किसान भाजपा शासित राज्य का है। इसका सीधा अर्थ ये है कि भाजपा की सरकारें भी इस योजना को सही तरीके से लागू नहीं करवा पा रही हैं।
23 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में भाजपा या उसके सहयोगी राजनीतिक दलों की सरकारें हैं। इन राज्यों के 13.76 लाख अपात्र किसानों को 1,092 करोड़ रु. की रकम भेजी गई। वहीं, जिन 12 राज्यों में कांग्रेस या दूसरी पार्टियों की सरकारें हैं, उन राज्यों के 19.14 लाख अपात्र किसानों को 1,235 करोड़ रु. का भुगतान किया गया। पश्चिम बंगाल में अब तक ये योजना लागू नहीं हुई है।
अदिती गुप्ता





