ताज महल 370 साल में पहली बार मिला 1 करोड़ के टैक्स का नोटिस
एएसआई के अधिकारियों ने कहा कि आगरा नगर निगम ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को प्रतिष्ठित ताजमहल के लिए संपत्ति कर और पानी के बिल का भुगतान...

एएसआई के अधिकारियों ने कहा कि आगरा नगर निगम ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को प्रतिष्ठित ताजमहल के लिए संपत्ति कर और पानी के बिल का भुगतान...
एएसआई के अधिकारियों ने कहा कि आगरा नगर निगम ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को प्रतिष्ठित ताजमहल के लिए संपत्ति कर और पानी के बिल का भुगतान करने के लिए नोटिस दिया है।
आगरा नगर निगम ने ताज महल को एक करोड़ से अधिक रुपये का नोटिस भेजा जिसमें गृहकर, जलकर और सीवर टैक्स आदि हैं। नोटिस में 15 दिन के अंदर यह गृहकर जमा करने को कहा गया है। ताज महल के 370 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि उसे प्रॉपर्टी टैक्स और वॉटर बिल मिले हों। अधिकारियों के मुताबिक जल कर और एक संपत्ति कर का नोटिस जारी किया गया है। एएसआई को करीब 1.40 लाख रुपये और एक करोड़ रुपये जल कर के रूप में देने को कहा गया है।
एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद् (आगरा सर्कल) राज पटेल ने एएनआई को बताया, "जल कर के लिए एक नोटिस और संपत्ति कर के लिए एक नोटिस जारी किया गया है। संपत्ति कर लगभग 1.40 लाख रुपये है और जल कर लगभग 1 करोड़ रुपये है।"
पटेल ने कहा कि ताजमहल के परिसर में कोई व्यावसायिक काम नहीं हो रहा है और जनता को मुफ्त सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं, इसलिए स्मारक पर टैक्स नहीं लगता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के करों से छूट का उल्लेख यूपी प्राचीन और ऐतिहासिक स्मारक और पुरातत्व स्थल और अवशेष संरक्षण अधिनियम में किया गया है। उन्होंने टैक्स छूट के लिए नवंबर 2017 में लागू किए गए विशेष प्रावधान का भी हवाला दिया।
इसी तरह का नोटिस इत्माद-उद-दौला को भी भेजा गया है, जो एएसआई-संरक्षित स्मारक भी है और विश्व-विरासत स्मारक का दर्जा पाने के दावेदारों में से एक है। एएसआई को भेजा गया नोटिस 31 मार्च, 2022 तक लंबित हाउस टैक्स को दर्शाता है। देय करों का भुगतान न करने पर ब्याज के रूप में 47,983 रुपये जोड़कर 88,784 रुपये।
(कृष्णा सिंह )





