राम मंदिर चढ़ावा विवाद में जांच तेज! CCTV डेटा डिलीट होने के सुराग से बढ़ी हलचल
राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेरा फेरी मामले की जांच में कई तथ्य निकल कर सामने आ रहे हैं। नोटों की गिनती वाले कमरे में लगे सीसीटीवी की...
राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेरा फेरी मामले की जांच में कई तथ्य निकल कर सामने आ रहे हैं। नोटों की गिनती वाले कमरे में लगे सीसीटीवी की...
राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेरा फेरी मामले की जांच में कई तथ्य निकल कर सामने आ रहे हैं। नोटों की गिनती वाले कमरे में लगे सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग को कई बार डिलीट किया गया है। अधिकारियों ने सीसीटीवी के डीबीआर को जांच के लिए दिल्ली की प्रयोगशाला में भेज दिया है। इससे एक्सपर्ट यह पता लगाएंगे कि कब-कब डीबीआर का डाटा डिलीट किया गया है और क्या पुरानी फाइलों को रिकवर किया जा सकता है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी की जिम्मेदारी को एसआईटी ने दो भागों में विभाजित किया है। पहले आंतरिक और दूसरी बाहरी, आंतरिक मामलों की जिम्मेदारी गोपाल राव, डॉक्टर अनिल मिश्रा संभालते थे।
वहीं महासचिव चंपत राय बाहरी मामलों में हस्तक्षेप करते थे। इसलिए गोपाल राव और अनिल मिश्रा की बड़ी जिम्मेदारी मानी जा रही है। एसआईटी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गणना कर्मियों को बुलाकर अलग-अलग पूछताछ की है।
एसआईटी की रडार पर जल्द अमीर बनने वाले कर्मचारी भी है, जिन्हें 18 से ₹20,000 सैलरी मिल रही थी वह इतनी जल्दी अमीर कैसे हो गए इन तथ्यों की भी जांच की जाएगी। कर्मचारियों के परिवार का रहन-सहन और महंगे मोबाइल, महंगी गाड़ियां भी जांच में शामिल होंगी। एसआईटी की जांच में मंदिर के करीब ढाई सौ कर्मचारी शामिल होंगे। इनको किस तरह नियुक्त किया गया और कैसे इनके कार्यो का आवंटन किया गया है इसकी जांच भी एसआईटी करेगी।





