रूस भारत को देगा S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम….
रूसी राजदूत ने कहा कि भारत के साथ उनके देश के रक्षा संबंध अभूतपूर्व हैं. रूस भारत को सतह से हवा में मार करने वाली एस-400 मिसाइल सिस्टम की तीसरी खेप...

रूसी राजदूत ने कहा कि भारत के साथ उनके देश के रक्षा संबंध अभूतपूर्व हैं. रूस भारत को सतह से हवा में मार करने वाली एस-400 मिसाइल सिस्टम की तीसरी खेप...
रूसी राजदूत ने कहा कि भारत के साथ उनके देश के रक्षा संबंध अभूतपूर्व हैं. रूस भारत को सतह से हवा में मार करने वाली एस-400 मिसाइल सिस्टम की तीसरी खेप देगा. राजदूत ने कहा, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस पर विशिष्ट संयुक्त उद्यम आदर्श है.
एस-400 मिसाइल सिस्टम
भारत को रूस S-400 मिसाइल सिस्टम का तीसरा रेजीमेंट देने जा रहा है. यह ऐसा हथियार है जो भारत के लिए हवाई सुरक्षा कवच का काम करेगा. एक रेजीमेंट में आठ लॉन्चर होते हैं. यानी आठ लॉन्चिंग ट्रक. हर ट्रक में चार लॉन्चर लगे होते हैं. यानी उनमें चार मिसाइलें निकलती हैं. कुल मिलाकर एक रेजीमेंट में 32 मिसाइलें होती हैं.
भारत ने अक्टूबर 2018 में अमेरिका की चेतावनी के बावजूद रूस से एस-400 वायु रक्षा मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए 5 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. रूस और भारत आधुनिक एस-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा सिस्टम के लिए डील समेत सभी समझौतों को लेकर प्रतिबद्ध हैं.
भारत के पास ऐसे तीन रेजीमेंट होने के बाद देश की राजधानी दिल्ली और सीमाओं की सुरक्षा मजबूत हो जाएगी. S-400 में चार रेंज की मिसाइलें होती हैं. ये हैं- 40, 100, 200, और 400 किलोमीटर. यह सिस्टम 100 से लेकर 40 हजार फीट तक उड़ने वाले हर टारगेट को पहचान कर नष्ट कर सकता है. 600 किलोमीटर तक की रेंज में करीब 160 टारगेट ट्रैक कर सकता है.
S-400 मिसाइल सिस्टम
यह सिस्टम मिसाइल, एयरक्राफ्ट या फिर ड्रोन से हुए किसी भी तरह के हवाई हमले से निपटने में सक्षम है. इसका रडार बहुत ही ज्यादा ताकतवर है.
[मनीष सिंह]





