पीएम मोदी बनेंगे भारत शक्ति युद्धाभ्यास के गवाह, पोखरण में दिखेगा तीनों सेनाओं का पराक्रम

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पीएम मोदी बनेंगे भारत शक्ति युद्धाभ्यास के गवाह, पोखरण में दिखेगा तीनों सेनाओं का पराक्रम
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युद्ध के मैदान में भारतीय सेनाओं का पराक्रम देखने के लिए पीएम मोदी आज राजस्थान के पोखरण में होंगे. जहां वह तीनों सेनाओं के युद्धाभ्यास भारत शक्ति के गवाह बनेंगे. इस युद्धाभ्यास के दौरान भारत में निर्मित हथियारों ताकत और मारक क्षमता देखने को मिलेगी. जिन्हें मोदी सरकार की मेक इन इंडिया मुहिम के तहत बनाया गया है. इस दौरान तीनों सेनाएं करीब एक घंटे तक स्वदेशी हथियारों से गोलीबारी करेंगी.

बता दें कि आज यानी मंगलवार से पोखरण में तीनों सेनाएं (थल सेना, वायु सेना, जल सेना) युद्धाभ्यास करने जा रही हैं. जिसे भारत शक्ति नाम दिया गया है. इस युद्धाभ्यास में स्वदेशी हथियारों का ताकत देखने को मिलेगी. जो मोदी सरकार के देश को सामरिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम का एक हिस्सा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मंगलवार को इस युद्धाभ्यास को देखने के लिए पोखरण फायरिंग रेंज पहुंचेंगे. पीएम मोदी के आगमन पर सेना के तीनों अंग स्वदेशी हथियारों से 50 मिनट तक ताबड़तोड़ गोलीबारी करती दिखेगी.

भारत शक्ति युद्धाभ्यास में स्वदेशी हथियार शामिल होंगे. इनमें लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड, लाइट यूटिलिटी हैलिकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव, नौ-सेना की लाइट वेट टॉरपीडो, पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, युद्धक टैंक टी (टी 90), अर्जुन टैंक, स्व-चालित होवित्जर के-9 वज्र, धनुष, सारंग तोपें, लॉयटरिंग म्यूनिशन समेत सर्वत्र और अत्याधुनिक ड्रोन और यूएवी समेत रोबोटिक डॉग म्यूल की भी ताकत देखने को मिलेगी.

इस मिलिट्री एक्सरसाइज में ये देखने को मिलेगा कि युद्ध के मैदान में भारतीय सेना के तीनों अंग थलसेना, वायुसेना और नौसेना कैसे मिलकर काम करती है. साथ ही युद्ध के दौरान वह कितनी तेजी से आपस में कॉर्डिनेशन बनाती हैं. इस युद्धाभ्यास के डोमो की शुरुआत तीनों सेना के अंगों के स्पेशल फोर्स, गरुढ कमॉडों और मार्कोज हैलिकॉप्टर के द्वारा स्लीदर और ऑल टेरेन वेहिकल के जरिए की जाएगी. इस दौरान वह युद्ध के मैदान पर पहुंचेंगे और अपनी तैयारियों को तेज करेंगे. उसके बाद लॉन्ग रेंज ऑर्टेलरी गन से गोलीबारी कर दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने का पराक्रम दिखाएंगे.

बता दें कि पिछले कुछ सालों में आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत रक्षा मंत्रालय पॉजिटिव इंडिनाइजेशन की पांच लिस्ट जारी कर चुका है. ये उन रक्षा उपकरणों की लिस्ट है जिनकी खरीद विदेशों से नहीं बल्कि स्वदेशी यानी भारत की कंपनियों से की जाएगी. इसके साथ ही ये भी तय किया गया कि रक्षा खरीद के लिए सभी कटैगरी में कम से कम 50 फीसदी स्वदेशी उपकरण होने चाहिए. जिसमें मटीरियल, कंपोनेंट, सॉफ्टवेयर आदि शामिल हैं.

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