रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेल को आधुनिक बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेल को आधुनिक, कुशल और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि...


रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेल को आधुनिक, कुशल और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि...
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेल को आधुनिक, कुशल और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि रेलवे की वित्तीय स्थिति अच्छी है और सरकार इसे और बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। श्री वैष्णव ने लोकसभा में कल रेल मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि देश में 2020 से यात्री किराए में वृद्धि नहीं की गई है और यह अन्य देशों की तुलना में बहुत किफायती है। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे ने पिछले दस वर्षों में पांच लाख नौकरियां दी हैं और एक लाख से अधिक नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है।
रेल के समयबद्ध संचालन के बारे में श्री वैष्णव ने कहा कि रेलवे ने उन्नत सिग्नल सिस्टम, वास्तविक समय की निगरानी, एआई-संचालित शेड्यूलिंग को अपनाकर 90 प्रतिशत से अधिक का समयबद्ध संचालन किया है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में यात्रियों की मांग को पूरा करने के लिए रिकॉर्ड संख्या में विशेष रेलगाड़ियां चलाई गई। श्री वैष्णव ने यह भी बताया कि अब रेलों के परिचालन की कुल संख्या कोविड-19 से पहले के स्तर से अधिक हो गई है जो रेलवे की विश्वसनीयता और बेहतर सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रेल मंत्री ने कहा कि सरकार ने देश में रेल दुर्घटनाओं को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि रेलवे और यात्री सुरक्षा पर बहुत ध्यान दिया जा रहा है। श्री वैष्णव ने कहा कि कई तकनीकी बदलाव के साथ रेलवे, लंबी रेल, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और कोहरे से सुरक्षा उपकरणों जैसे कदम उठाकर अपनी सेवाओं में लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत, रेलवे का बड़ा निर्यातक बन गया है। वह ऑस्ट्रेलिया को मेट्रो कोच, ब्रिटेन, सऊदी अरब और फ्रांस को रेलवे कोच और मैक्सिको, स्पेन, जर्मनी और इटली को संचालन उपकरण निर्यात कर रहा है।
संसद में रेल मंत्री के जवाब देने के दौरान कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने प्रयागराज में संपन्न महाकुंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर विरोध जताया। बाद में सदन में 2025-26 के लिए जल शक्ति मंत्रालय के नियंत्रण में अनुदान मांगों पर चर्चा हुई।