थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा पर रवाना हुए पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो देशों के दौरे पर रवाना हो गए हैं। पहले चरण में वे थाईलैंड पहुंचेंगे और फिर श्रीलंका जाएंगे। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया...


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो देशों के दौरे पर रवाना हो गए हैं। पहले चरण में वे थाईलैंड पहुंचेंगे और फिर श्रीलंका जाएंगे। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो देशों के दौरे पर रवाना हो गए हैं। पहले चरण में वे थाईलैंड पहुंचेंगे और फिर श्रीलंका जाएंगे। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि अगले तीन दिनों में वे थाईलैंड और श्रीलंका में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इससे इन देशों और बिम्सटेक के साथ भारत का सहयोग मज़बूत होगा।
पीएम ने लिखा कि वो आज बैंकॉक में थाईलैंड के अपने समकक्ष से मुलाक़ात करेंगे। इस दौरान भारत-थाईलैंड मित्रता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। कल पीएम बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में शरीक होंगे साथ ही थाईलैंड के राजा से भी मुलाक़ात करेंगे। पीएम 4 से 6 अप्रैल तक श्रीलंका दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि उनकी यात्रा श्रीलंका के राष्ट्रपति की सफल भारत यात्रा के बाद हो रही है। दोनों नेता द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
अपने प्रस्थान पूर्व वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि, पिछले दशक में, बिम्सटेक बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में क्षेत्रीय विकास, संपर्क और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण, भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र बिम्सटेक के केन्द्र में स्थित है। मैं बिम्सटेक देशों के नेताओं से मुलाक़ात और लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए हमारे सहयोग को और मजबूत करने के लिए रचनात्मक वार्ता की आशा करता हूँ। सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंधों को और आगे बढ़ाने की साझा इच्छा के साथ मुझे प्रधानमंत्री शिनावात्रा और थाई नेतृत्व के साथ बातचीत का अवसर मिलेगा। हमारे रिश्ते साझी संस्कृति, दर्शन और आध्यात्मिक विचारों की मजबूत नींव पर आधारित हैं।
थाईलैंड के बाद, मैं 4 से 6 अप्रैल तक श्रीलंका की यात्रा पर रहूंगा। बीते दिसंबर श्रीलंका के राष्ट्रपति के बेहद सफल भारत दौरे के बाद यह यात्रा हो रही है। हम "साझा भविष्य के लिए साझेदारी को बढ़ावा देने" के संयुक्त दृष्टिकोण पर हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। साथ ही साझा उद्देश्यों को साकार करने के लिए आगे के मार्ग पर मंथन का भी अवसर मिलेगा। मुझे विश्वास है कि ये यात्राएं अतीत की नींव पर आधारित होंगी तथा हमारे लोगों और व्यापक क्षेत्र के लाभ के लिए हमारे घनिष्ठ संबंधों को मजबूत बनाने में योगदान देंगी।