संसद ने मणिपुर में राष्‍ट्रपति शासन की पुष्टि करने वाले सांविधिक प्रस्‍ताव को दी मंजूरी

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संसद ने मणिपुर में राष्‍ट्रपति शासन की पुष्टि करने वाले सांविधिक प्रस्‍ताव को दी मंजूरी
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संसद ने मणिपुर में राष्‍ट्रपति शासन लगाए जाने की पुष्ठि करने वाले सांविधिक प्रस्‍ताव को स्‍वीकृति दे दी है। राज्‍यसभा ने आज तड़के इसे मंजूरी दी। यह प्रस्‍ताव इस वर्ष 13 फरवरी को संविधान के अनुच्‍छेद 356 (1) के तहत मणिपुर में राष्‍ट्रपति शासन की घोषणा से संबंधित है। लोकसभा इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है।


प्रस्‍ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए केन्‍द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा पिछले वर्ष नवम्‍बर से मणिपुर में किसी हिंसा की खबर नहीं है। उन्‍होंने विपक्ष के इस आरोप का खंडन किया कि मणिपुर में राष्‍ट्रपति शासन, स्थिति से निपटने में नाकाम रहने पर लगाया गया। उन्‍होंने कहा कि राज्‍य के मुख्‍य मंत्री के इस्तीफे के बाद कोई भी पार्टी सरकार बनाने के लिये आगे नहीं आई। इससे देखते हुए वहां राष्‍ट्रपति शासन लगाना पड़ा। श्री शाह ने कहा कि मणिपुर के मुख्‍यमंत्री के खिलाफ कोई अविश्‍वास प्रस्‍ताव नहीं लाया गया, क्‍योंकि कांग्रेस के पास अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाने के लिए सदस्‍यों की पर्याप्त संख्‍या ही नहीं थी।


गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर में दस हजार युवाओं ने हथियारों के साथ समर्पण किया है। उन्‍होंने कहा कि मणिपुर में राज्‍यपाल के रूप में अजय कुमार भल्‍ला की नियुक्ति के बाद से शांति बहाल है। गृह मंत्री ने बताया कि राज्‍य में दोनों समुदायों की दो बैठके हो चुकी हैं, तीसरी और अंतिम बैठक जल्‍दी ही नई दिल्‍ली में होने की आशा है।


प्रस्‍ताव पर चर्चा की शुरूआत करते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार मणिपुर में हिंसा रोकने में विफल रही। उन्‍होंने कहा कि सरकार के पास मणिपुर के लिए कोई दीर्घकालिक नीति नहीं हैं। उन्‍होंने राज्‍य में हुई हिंसा की जांच कराने की मांग की। श्री खरगे ने कहा कि पूरा देश मणिपुर के लोगों के साथ है और सदन को वहां के लोगों को शांति संदेश देना चाहिए।



भारतीय जनता पार्टी के डॉक्‍टर अजीत माधव राव ने प्रस्‍ताव का समर्थन किया और कहा कि नरेन्‍द्र मोदी सरकार ने कांग्रेस सरकार की तुलना में पांच गुना अधिक राशि मणिपुर के लिए दी है। उन्‍होंने कहा कि मणिपुर में स्थिरता को लेकर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।


तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, डी.एम.के पार्टी की डॉक्‍टर कनिमोई और एनवीएन सोमू तथा आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने भी चर्चा में भाग लिया।

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