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निर्भया केस:अक्षय के बाद दोषी पवन की भी फांसी पर रोक लगाने की मांग, पहुंचे कोर्ट

निर्भया केस:अक्षय के बाद दोषी पवन की भी फांसी पर रोक लगाने की मांग, पहुंचे कोर्ट


रंजीत कुमार बचपन एक्सप्रेस
निर्भया कांड के मामले में शनिवार को एक और नया मोड़ आ गया है। चार दोषी में से एक पवन कुमार गुप्ता ने भी फांसी पर रोक लगाने के अनुरोध को लेकर दिल्ली की अदालत का रूख किया। उसने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुधारात्मक याचिका लंबित है।जबकि दोषी अक्षय पहले ही डेथ वारंट पर रोक लगाने के लिए कोर्ट पहुंच चुका है दोस्ती अक्षय के अर्जी पर कोर्ट ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों से एक रिपोर्ट देने का निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई के लिए सोमवार का दिन निर्धारित किया है|

नई अर्जी में अक्षय ने कहा कि उसकी पहली अर्जी खारिज कर दिया गया था. जिसमें पूरी बात नहीं थी.आपको बता दें कि निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को तीन मार्च को सुबह छह बजे मृत्यु होने तक फांसी पर लटकाने के लिए सत्र अदालत ने डेथ वारंट जारी किया है.दोषी पवन कुमार गुप्ता की क्यूरेटिव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। पवन की याचिका पर जस्टिस एन वी रमना की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच सुनवाई करेगा।

पवन ने अपनी मौत की सजा को आजीवन कारावास की सजा बदलने की मांग की है।वकील एपी सिंह ने बताया था, जो पवन के वकील हैं कि मेरे मुवक्किल ने सुधारात्मक याचिका दायर कर कहा है कि उसे मौत की सजा नहीं दी जानी चाहिए।

पवन चारों मुजरिमों में अकेला है, जिसने अभी तक सुधारात्मक याचिका दायर करने और इसके बाद राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर करने के विकल्प का इस्तेमाल नहीं किया था।छह लोगों 12 सितंबर 2012की रात चलती बस में निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसे बुरी तरह जख्मी हालत में सड़क पर फेंक दिया था।

निर्भया का बाद में 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। इस सनसनीखेज अपराध के छह आरोपियों में से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी, जबकि छठा आरोपी किशोर था। उसे तीन साल सुधारगृह में रखने के बाद 2015 में रिहा कर दिया गया था।

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