लोजपा मे टूट-फूट के बाद साक्षात्कार के दौरान बोले चिराग पासवान कहा- परिवार के साथ छोड़ने के बाद अब बस प्रधानमंत्री, जनता और मां पर विश्वास

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लोजपा मे टूट-फूट के बाद साक्षात्कार के दौरान बोले चिराग पासवान कहा- परिवार के साथ छोड़ने के बाद अब बस प्रधानमंत्री, जनता और मां पर विश्वास
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लोक जनशक्ति पार्टी में हुई टूट-फूट के बाद रामविलास पासवान के भाई पशुपति पारस कुमार और उनके पुत्र चिराग पासवान के बीच अब दरार आ चुकी है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस ने पांच सांसदों की मंजूरी से चिराग पासवान को लोजपा अध्यक्ष पद से हटा दिया था। जिसके बाद ओम बिरला द्वारा भी एक अलग गठित समिति बनाने पर मंजूरी दे दी गई थी।

लोजपा से हटाए जाने के बाद चिराग पासवान ने कार्य कार्यसमिति की बैठक बुलाकर उनसे बातचीत के दौरान समर्थन मांगा जिसके बाद पार्टी के नेताओं द्वारा उन्हें पूर्ण समर्थन दिया गया और चिराग पासवान ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर पुनः विचार करने की अपील की।

आपको बता दें कि हाल ही में स्वर्गीय रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान ने एक न्यूज़ चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि जिस समय शारीरिक परेशानी से लड़ रहा था उस समय मुझे पारिवारिक लड़ाई भी लड़नी पड़ी। उन्होंने कहा कि मैं चाचा के गोद में खेला। पापा की छवि उनके अंदर मुझे दिखती रही। जब ये प्रकरण हुआ तो मुझे कारण नहीं समझ आया और मैं अंत तक मामले को सुलझाने में लगा रहा। लेकिन अब उन्होंने भी मुझसे हाथ पीछे खींच लिया। उन्होंने कहा कि इस मामले को सही करने मम्मी ने भी बहुत प्रयास किया।कई फोन किया लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी।

आपको बता दें कि इंटरव्यू के दौरान चिराग पासवान ने बताया कि 2019 में केवल प्रधानमंत्री के नाम पर एक होकर एनडीए के साथ लडे। रामविलास जी जदयू के साथ चुनाव लड़ना नहीं चाहते थे। वहीं चिराग ने बताया कि 95 प्रतिशत पार्टी के लोग आज भी मेरे साथ है। नेश्नल एक्जिक्यूटिव की बैठक में 75 में 66 लोग मेरे साथ हाल में जुड़े हुए थे। उनके एफिडेविट आज भी साथ हैं। 35 में 33 स्टेट प्रसिडेंट के साथ जुड़े होने की बात भी चिराग ने की। उन्होंने बताया कि मुझसे केवल 9 लोग अलग हुए हैं जिनमें 5 सांसद हैं।

गौरतलब है कि इंटरव्यू के दौरान चिराग पासवान बेहद निराश भी नजर आए उन्होंने कहा कि यदि मेरे चाचा पशुपति पारस कुमार एक बार बता देते तो मैं प्रधानमंत्री जी से स्वयं बात करके उन्हें अध्यक्ष बना देता। उन्होंने कहा कि मुझे केवल उनके सानिध्य में काम करने की जरूरत थी।

आपको बता दें कि पशुपति पारस समेत सभी सांसदों ने चिराग पासवान पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो विधानसभा चुनाव में एनडीए से अलग लड़ने का एकतरफा फैसला लिए थे। वहीं चिराग ने अब इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ये सरासर गलत है। जदयू से अलग चुनाव लड़ने का फैसला सभी सांसदों का था। उस बैठक में पशुपति पारस भी वर्चुअल तरीके से जुड़े थे और उनकी भी इसमें सहमति थी। चिराग ने बताया कि वेंटिलेटर पर जाने के ठीक दो दिन पहले पिता रामविलास पासवान ने कहा था कि चुनाव अलग होकर लड़ना है।उनका भी स्टैंड क्लियर था।

बता दें कि वहीं पीएम मोदी की बात पर चिराग ने कहा कि चुनाव के दौरान मैने जरूर कहा कि मैं उनका हनुमान हूँ।मैं प्रधानमंत्री जी के हर फैसले के साथ रहा। 2014 में भी मैं और पार्टी ने प्रधानमंत्री जी और भाजपा के साथ खड़ा रहा। जदयू के साथ नहीं गया। चिराग ने कहा कि अब भाजपा को ये फैसला लेना होगा कि क्या वो उनका साथ देगी जो हर कदम पर उनके साथ रहे।

नेहा शाह

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