घटस्थापना के साथ शुरू हुआ वासंतिक नवरात्रि

घटस्थापना के साथ शुरू हुआ वासंतिक नवरात्रि


नवमी पूजा 10 को, धूमधाम से मनाया जायेगा रामोत्सव कार्यक्रम

मुंगराबादशाहपुर, जौनपुर। हिन्दू धर्म के महान शासक सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित विक्रम सम्वत 2079 के आगमन के साथ प्रारम्भ होने वाला वासंतिक नवरात्रि महोत्सव शनिवार को प्रातः घटस्थापना एवं क्षेत्र के विभिन्न मन्दिरों में धार्मिक अनुष्ठान व विशेष पूजन अर्चन के साथ प्रारम्भ हो गया। प्रातःकाल से ही क्षेत्र के श्रद्धालु भक्तगण विभिन्न मन्दिरों तथा अपने-अपने घरों में नवरात्रि का प्रतीक कलश स्थापित कर नवरात्र का व्रत एवं 9 दिन का अनुष्ठान प्रारम्भ किया जो आगामी 10 अप्रैल तक लगातार जारी रहेगा। 10 अप्रैल को नवमी तिथि को विशेष हवन तथा कन्या पूजन के पश्चात इस अनुष्ठान एवं व्रत का समापन होगा।


शनिवार प्रातःकाल से ही क्षेत्र के विभिन्न मन्दिरों में कतारबद्ध होकर दर्शन पूजन करते श्रद्धालु देखे गये। नगर के मध्य स्थित आदि शक्तिपीठ श्रीमहाकाली जी मन्दिर एवं स्टेशन रोड के निकट श्री माँ गायत्री शक्तिपीठ मन्दिर तथा दौलतिया स्थित श्री बड़े हनुमानजी मन्दिर पर स्थापित श्री नवदुर्गा जी मन्दिर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गयी। क्षेत्र के इन शक्तिपीठ मन्दिरों को वासंतिक नवरात्रि पर फूल-मालाओं एवं विद्युत झालरों से भव्य तरीके से सजाया गया है। माँ गायत्री शक्तिपीठ मन्दिर पर शान्ति कुन्ज हरिद्वार से आयी टोली एवं श्रीमहाकाली जी मन्दिर प्रांगण में प्रख्यात कथावाचक डा. श्याम सुन्दर जी परासर महाराज की शिष्या द्वारा नौ दिनों तक देवी महात्म्य की कथायें सुनायी जायेंगी।



श्रीमहाकाली जी मन्दिर के प्रधान पुजारी पण्डित महावीर महाराज ने बताया कि इस बार का वासन्तिक नवरात्र पूरे नौ दिनों का है। आगामी 10 अप्रैल को विशेष हवन-पूजन एवं कन्या पूजन के साथ इस नवरात्रि महोत्सव एवं व्रत अनुष्ठान का समापन होगा। इसी दिन रविवार को हमारे आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव भी धूमधाम से मनाया जायेगा। पण्डित महावीर महाराज ने बताया कि यह नवरात्र श्रद्धालु भक्तों के लिये अभीष्ट फलदायी है।

नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ भगवती के 9 विभिन्न रूपों की आराधना व पूजन-अर्चन करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु भक्तों के ऊपर माँ की विशेष कृपा बनी रहेगी। नवरात्रि के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे नगर में नारियल, चुनरी, प्रसाद, फूल माला एवं फलों की बहुत सी दुकानें सज गयी है। नव सम्वत्सर एवं वासन्तिक नवरात्रि के पावन अवसर पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों द्वारा जहाँ समूचे क्षेत्र में देवी पचरा एवं भक्तिमय गीतों की मधुर गूँज ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया है। वहीं विश्व हिन्दू परिषद के प्रयास से लोगों ने अंकित ध्वज अपने-अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों पर लगाकर नवसंवत्सर 2079 का स्वागत करते हुए एक दूसरे के सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनायें देते दिखाई दिये।

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