अब ऑप्टिकल उपकरण बनेंगे और शक्तिशाली ,सीईएनएस के वैज्ञानिको ने किया दावा

अब ऑप्टिकल उपकरण बनेंगे और शक्तिशाली ,सीईएनएस के वैज्ञानिको ने किया दावा



अब ऑप्टिकल उपकरण बनेंगे और शक्तिशाली ,सीईएनएस के वैज्ञानिको ने किया दावा की उनके शोध से जो निष्कर्ष निकला है उसका इस्तेमाल करने से इस क्षेत्र में क्रांति आ जायेगी - इन वैज्ञानिको की मेहनत आने वाले समय में इस क्षेत्र में काफी बदलाव लाने की क्षमता रखता है |

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान, नैनो एवं मृदु पदार्थ विज्ञान केंद्र (सीईएनएस) के वैज्ञानिकों ने प्रभावी ऑप्टिकल उपकरणों के लिए सामग्री विकसित करने की खोज करने के क्रम में पाया है कि नीली तरंग दैर्ध्य या एक्टिनिक प्रकाश में उच्च स्तर, प्रकाश दो फोटो आइसोमरों के बीच अदला-बदली कर सकते हैं --- चिरल नेमैटिक (सी एच) और ट्विस्ट ग्रेन बाउंड्री स्मेथिक सी* (टीजीबीसी*), जो क्रमशः लिक्विड क्रिस्टल चरणों में एक और तीन आयामों में फोटोनिक संरचनाएं रखते हैं। इस कार्य के लिए सीईएनएस की शोध टीम में राजलक्ष्मी साहू, डी.एस.शंकर राव, यू.एस. हिरमथ, सी.वी. येलमग्गद और एस कृष्णा प्रसाद शामिल हैं। यह खोज जर्नल ऑफ फिजिकल केमिस्ट्री में प्रकाशित हुआ है।


वर्तमान अध्ययन से यह भी पता चलता है कि 100 नैनोमीटर से अधिक की फोटोनिक तरंग दैर्ध्य भिन्नताएं कुछ सेकंड के भीतर आसानी से प्राप्त (विपरीत क्रम में) की जा सकती हैं। यह एक ऐसी विशेषता है, जिसका उपयोग कम परावर्तन वाले लेंस और उच्च परावर्तन वाले दर्पण से लेकर रंग बदलने वाले पेंट और स्याही तक के अनुप्रयोगों में किया जा सकता है।

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