सिर्फ महिला दिवस पर ही नहीं सम्मान की अधिकारी है महिलाएं

सिर्फ महिला दिवस पर ही  नहीं सम्मान की अधिकारी है महिलाएं

सोनम बाजपाई: बचपन एक्सप्रेस

नारी

में शक्ति अपार है,

नारी

इस सृष्टि का आधार है,

नारी

का हमेशा सम्मान करो क्यूंकि

नारी

ही नर के जीवन का सार है

8 मार्च जिसे पुरे विश्व में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है . हर जगह चाहे वो स्कूल हो कॉलेज हो या ऑफिस महिलाओं के लिए कुछ खास करने की कोशिश की

जाती है . इस दिन महिलाओं को यह महसूस कराने की कोशिश करी जाती है की वो सबसे कितनी अच्छी और कितनी अलग है. ऐसा लगता है की दुनिया की सारी खुशियां सिर्फ महिलाओं के लिए ही बनीं हैं फिर दूसरे ही दिन उसको उसकी वही ज़िंदगी याद दिला दी जाती है की वो एक "औरत" ही तो है. आज भी २१वी सदी में उसके लिए कुछ भी नै बदला, उन्हें आज भी पैदा होते ही मार दिए जाता है, आज भी लड़किया शोषण का शिकार हो रही है, लोग आज भी बेटियों को पढ़ने और नौकरी करने के लिए बाहर नहीं भेजना चाहते क्यूंकि उन्हें लगता है की वो लड़कों जितनी ताकतवर नहीं है, आज भी लड़कियां अपने ससुराल में दहेज़ के नाम पर सतायीं जाती है और इतना सब होने के बावजूद भी हम उन्हें महिला दिवस की शुभ कामनाएं देते है , महिलाओं के नाम एक दिन कर देने से सारी बुराइयां ख़त्म नहीं हो जाती . बात तो तब होगी जब महिलाओं को समाज में बराबरी का हिस्सा मिलेगा और उनके साथ हो रहे सारे शोषण खत्म हो जायेंगे और तब हम महिला दिवस मानाने के असली हकदार होंगे.




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