तमिलनाडु चुनाव: मद्रास हाई कोर्ट ने चुनावी वादों पर दिखाई सखती...

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तमिलनाडु चुनाव: मद्रास हाई कोर्ट ने चुनावी वादों पर दिखाई सखती...
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भारत में कुल 5 राज्यों में चुनाव हो रहे हैं जिनमें से 1 केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी है। इसी के साथ आपको बता दें कि तमिलनाडु में भी विधानसभा चुनाव होने हैं, जिनमें 6 अप्रैल को वोटिंग की जाएगी। ऐसे में तमाम नेता हैं जिन्होंने जनता से अजीबोगरीब वादे किए हैं और जनता को लुभाने की हर एक कोशिश की है, भले ही वह उसे पूरा ना कर सके। इससे चुनावी माहौल में एक बुरा असर पड़ेगा और भारत की राजनीति जो कि देश की सर्वश्रेष्ठ राजनीति में से एक है उसका विचार दुनिया की नजरों में गलत जाएगा।

इसी को लेकर मद्रास हाई कोर्ट ने इन लुभाने वाले चुनावी वादों को लेकर सख्त टिप्पणी की है। जस्टिस मद्रास हाईकोर्ट ने इन लुभावने चुनावी वादों को लेकर तल्ख टिप्पणी की है। मद्रास हाई कोर्ट के जज एन. किरुवकरन और जस्टिस बी. पुगलेंधी ने बुधवार को कहा कि उम्मीदवारों को फ्री लैपटॉप टीवी पंखे मिक्सी और अन्य चीजों की बजाए बुनियादी सुविधाओं को मेनिफेस्टो में शामिल करना चाहिए। आपको बता दें कि जजों ने कहा है कि करदाता राज्य में मुफ्त वादों की बारिश में भीगने के इच्छुक नहीं है। अब अगर यही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब तमिलनाडु में प्रवासी श्रमिक सभी संपत्तियों के मालिक होंगे। जस्टिस ने आगे कहा कि माहौल कुछ ऐसा बन चुका है कि इंजीनियरिंग ग्रैजुएट्स नौकरी के लिए सरकारी दफ्तरों में सफाई कर्मी तक बनने को तैयार है।

मद्रास के हाई कोर्ट के जजों ने चुनाव के सुधार के लिए एक सीरीज पेश की उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि चुनाव घोषणा पत्रों में वादे करने को लेकर चुनाव आयोग कोई कदम नहीं उठा रहा है। क्या इस तरह की घोषणा पत्रों की जांच करने और राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए केंद्र सरकार के पास कोई कानून नहीं है। सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने वादा किया कि वह लोगों को आईफोन के साथ उनके खातों में ₹1 करोड़ रुपए भी देंगे, जजों ने कहा कि इस तरह की बातों को कभी पूरा नहीं किया जा सकता और यह बेहद शर्मनाक है कि हमारी भारत की राजनीति का रुख इस कदर लालची होता जा रहा है।

नेहा शाह

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