मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई के मामले को लेकर बोले कानून मंत्री बृजेश पाठक - धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश करने वाले को सरकार नहीं छोड़ेगी
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद मैं मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई के वीडियो का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले पर योगी आदित्यनाथ द्वारा ट्विटर पर पहली बार...

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद मैं मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई के वीडियो का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले पर योगी आदित्यनाथ द्वारा ट्विटर पर पहली बार...
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद मैं मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई के वीडियो का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले पर योगी आदित्यनाथ द्वारा ट्विटर पर पहली बार एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जानकारी देते हुए यूपी के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि कि जिसने भी धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश की है उसको किसी भी कीमत पर सरकार नहीं छोड़ेगी और जांच के बाद कई बड़े नाम भी उजागर होंगे।
आपको बता दें कि मामला सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में भी विरोध बढ़ता जा रहा है। राहुल गांधी और असदुद्दीन ओवैसी पर कानून मंत्री ने निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति हो जांच के दायरे में नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच कर रही है और कानून की किताब के मुताबिक, किसी को बख्शा नहीं जाएगा वह चाहे जितना बड़ा व्यक्ति हो चाहे जितने बड़े दल का आदमी है।
आपको बता दें कि प्राथमिकी में कहा गया है कि इन लोगों ने मामले की सच्चाई की पुष्टि नहीं की और सार्वजनिक शांति को बाधित करने एवं धार्मिक समूहों के बीच विभाजन के इरादे से इसे साम्प्रदायिक पहलू देकर ऑनलाइन साझा किया। इसके अलावा टि्वटर इंक और टि्वटर कम्युनिकेशन इंडिया ने भी इनपुट को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
बता दें कि ममला 14 जून का है जब बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति अब्दुल ने आरोप लगाया कि और उनसे 'जय श्री राम' का नारा लगाने के लिए कहा, लेकिन गाजियाबाद पुलिस ने घटना के पीछे कोई साम्प्रदायिक कारण होने से इनकार किया और कहा कि आरोपी उस ताबीज से नाखुश थे जो सैफी ने उन्हें बेचा था. पुलिस ने सैफी पर हमला करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
जिसके बाद गाजियाबाद के पुलिस अधीक्षक राजा ने बुधवार को बताया कि सैफी को पीटने के आरोप में कल्लू गुर्जर, प्रवेश गुर्जर और आदिल को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस चार अन्य लोगों पोली, हिमांशु, आरिफ और मुर्शिद को भी तलाश रही है।
बता दें कि ट्विटर और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी में कहा गया कि गाजियाबाद पुलिस ने घटना के तथ्यों के साथ एक स्पष्टीकरण बयान जारी किया था जिसके बावजूद आरोपी ने अपने ट्विटर हैंडल से वीडियो को नहीं हटाया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया था कि सैफी पर हमला करने वालों में हिंदुओं के साथ-साथ मुस्लिम व्यक्ति भी शामिल थे और यह घटना साम्प्रदायिक नहीं थी, बल्कि उनके बीच निजी विवाद का परिणाम थी।
नेहा शाह





