आजादी के ७५ वे साल में भी चकबंदी से दूर मिर्जापुर के पास बेलवन गांव , किसान गाँव छोड़ शहर भागे
जब पूरा देश आजादी के ७५ व साल मना रहा होगा उस समय भी मिर्जापुर के पास पड़री थाना के अंतर्गत आने वाला गांव बेलवन के किसान अपने किस्मत पर रो रहे होंगे |...

जब पूरा देश आजादी के ७५ व साल मना रहा होगा उस समय भी मिर्जापुर के पास पड़री थाना के अंतर्गत आने वाला गांव बेलवन के किसान अपने किस्मत पर रो रहे होंगे |...
जब पूरा देश आजादी के ७५ व साल मना रहा होगा उस समय भी मिर्जापुर के पास पड़री थाना के अंतर्गत आने वाला गांव बेलवन के किसान अपने किस्मत पर रो रहे होंगे | आजाद भारत के कुछ गाँव ही ऐसे होंगे जहाँ अभी तक चकबंदी न होने से किसान अपनी जमीन पर ठीक प्रकार से खेती नहीं कर पा रहा है |
इस गाँव की हालत बेहाल है न कोई बड़ा स्कूल न कोई अच्छी पाठशाला बस एक प्राथमिक शिक्षा के भरोसे ही ये गांव रह गया | ब्राह्मण बहुल होने के कारण ज्यादातर लोग गांव से बाहर चले गए और जो गाँव में रह गए है वो कहते है की चकबंदी न होने से उनके खेत दूर दूर है जिसके कारण वो ठीक प्रकार से खेती नहीं कर पा रहे है |
कुछ ग्रामीणों का कहना था की गाँव में नदी है और अगर पानी का बेहतर प्रबंधन कर दिया जाए तो आस पास के सैकड़ो गांव अच्छी फसल ऊगा पाएंगे | गंगा इस पार और उस पार कटान भी बहुत थी पर योगी सरकार के मंत्री ने ध्यान दिया तो अब कटान को रोकने के लिए काम हो रहा है |
क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है की चकबंदी अधिकारी आते जाते रहते है पर आज तक समझ नहीं आया की हर जगह चकबंदी हो रही है तो बलवान और आस पास क्यों नहीं की जा रही है |
दबी जुबान में लोग ये भी कह रहे है की चकबंदी अधिकारी ठीक से काम नहीं कर रहे है नहीं तो अब तक इस गाँव के दिन बदल जाते | जहाँ एक ओर नील गाय फसल खा जा रही है वही चकबंदी न होने से गाँव वाले अपने खेतो के पास भी नहीं जा पाते |
लोगो को योगी सरकार से उम्मीद है कि आजादी के ७५ साल से पहले उनके गाँव में भी चकबंदी हो जाए तो ये आजादी का जश्न वो भी मना पाएंगे |





