मध्य प्रदेश दमोह जिले में ब्लैक फंगस के कारण 4 मरीजों की निकालनी पड़ी आंख.....

  • whatsapp
  • Telegram
मध्य प्रदेश दमोह जिले में ब्लैक फंगस के कारण 4 मरीजों की निकालनी पड़ी आंख.....
X



वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के बाद अब उन से संक्रमित व्यक्तियों में ब्लैक फंगस बीमारी लगातार उत्पन्न होती देखी जा रही है आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के दमोह जिले में कोविड-19 से सही हुए 4 व्यक्तियों में म्यूकरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस पाया गया है। जिसकी वजह से उनकी जान बचाने के लिए डॉक्टरों को मरीजों की आंख निकाली पड़ी है। गौरतलब है कि आ रही सूचनाओं के अनुसार अब कोविड-19 से ठीक हुए व्यक्तियों में ब्लैक फंगस की बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है।

हालांकि अभी इस बीमारी से ग्रसित कम लोग पाया जा रहे हैं, परंतु सरकार ने बड़े लेवल पर इससे लड़ने की तैयारी कर ली है क्योंकि यह नई बीमारी व्यक्तियों के लिए बेहद घातक साबित हो रही है।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के दमोह जिला चिकित्सक में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राकेश राय ने बताया कि दमोह जिले में अभी तक ऐसे 4 मरीज सामने आ चुके हैं जो ब्लैक फंगस नामक बीमारी से ग्रसित थे। उन्होंने बताया कि इन मरीजों को नागपुर, भोपाल, जबलपुर और इंदौर भेजा गया है।

बता दें कि जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संगीता त्रिवेदी ने कहा कि ब्लैक फंगस के संक्रमण को रोकने के लिए एम्फोटिसिरिन बी 50 एमजी इंजेक्शन की जरूरत होती है, परंतु यह इंजेक्शन दमोह में उपलब्ध नहीं हो सका है जिसकी वजह से हमें मरीजों को बाहर जिलों में रेफर करना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि जब आप ब्लैक फंगस से ग्रसित होंगी तब आपको सायनस की परेशानी के साथ ही साथ नाक का बंद हो जाना, दांतों का अचानक टूटना, आधा चेहरा सुन्न पड़ जाना, नाक से काले रंग का पानी निकलना या खून बहना, आंखों में सूजन, धुंधलापन, सीने में दर्द उठना, सांस लेने में समस्या होना एवं बुखार होना कुछ इस तरह के लक्षण पाए जाएंगे। आपको बता दें कि अभी तक जितने भी व्यक्ति इस बीमारी से ग्रसित पाए गए हैं, उनमें को कोविड-19 के लक्षण थे।

नेहा शाह

Next Story
Share it