हमेशा सुर्खियों में रहने वाले दिग्विज सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर सवाल उठाए

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- Digvij Singh
दिग्विजय सिंह कांग्रेस के ऐसे नेता है जो हमेशा गलत खबरों में बने रहते है।उनकी टिपणियां प्रायः बेतुकी और असंगत होती है।उनकी बातें कुंठा को ही व्यक्त करती है।दिग्विजय सिंह कांग्रेस के नेताओ से भी छिड़े छिड़े रहते है।मध्यप्रदेश में भी कोई उन्हें अहमियत नही देता है।जबकि राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी पहचान सिर्फ कांग्रेस नेता की तरह ही है।दिग्विजय सिंह को ज्योतिरादित्य सिंधिया कभी भाए ही नही थे।सिंधिया अभी भाजपा में केंद्रीय मंत्री है।उनकी आलोचना अभी भी दिग्विजय करते है और सिंधिया कांग्रेस में थे तब भी दिग्विजयसिंह उनकी आलोचना करते थे।सिंधिया कांग्रेस में थे तब राहुल गांधी के करीब थे।कमलनाथ छिंदवाड़ा से करीब नॉ बार से चुनाव जीते है।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ की बुराई करने में भी दिग्विजयसिंह का कोई सानी नही है।राजीव गांधी के बाद कांग्रेस में एक विशेषता विकसित की है।वह यह कि जो कांग्रेस को नुकसान पहुंचता है,उसे अपने व्यक्तव्यों से मूर्ख बनाता है।उसे ही पार्टी अपना नेता बनाती है।कपिल सिब्बल एक ऐसे नेता है और दिग्विजय दूसरे नेता है।कपिल सिब्बल भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री है और उसे बचाना चाहिए बचाते है और जुठ बोलने के कारण जाने जाते है।कांग्रेस के ये दिग्गज नेता कहा क्या बोलना है उसका अंदाजा उनको बोलने के बाद पश्चाताप के बाद मालूम पड़ता है।उनकी भाषा असभ्य और कांग्रेस के विरोधी के प्रति अवमानना पूर्ण होती है।दिग्विजयसिंह ज्योतिरादित्य सिंधिया पर कटाक्ष करते हुए धोखेबाज बताया तो सिंधिया ने दिग्विजय को पाकिस्तान की पैरवी करने वाले बयान और ओसामा को ओसामा जी कहने पर धिक्कारते हुए कहा की दिग्विजयसिंह को यह भाषा बोलना ठीक लगता है?सिब्बल ने कहा कि कहा है 56 इंच का सीना।वही दूसरी और उनके सहयोगी गुलाम नबी आजाद ने समस्याग्रस्त राज्य जम्मु और कश्मीर में सभी पक्षो में शांति वार्ता की बात कही।दिग्विजयसिंह खोई राजनीति के पथ पर है तब भी उनकी असभ्य भाषा मे कोई सुधार नही हुआ है।
दिग्विजयसिंह ने भारत मे मुसलमानों के सबसे बड़ा समर्थक दिखाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया है।बाटला हाउस का मामला हो या ऊपर कहा गया आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को ओसामा जी कहने वाले उनके बयान का मुद्दा हो।उनको खबर। होनी चाहिए कि वो भारत की राजनीति में है पाकिस्तान में मंत्री नही।दिग्विजय ने जांच एजेंन्सी ज पर भी आरोप लगाए है।उंन्होने कहा था कि उच्च पद पर बैठे लोग बिना किसी के तथ्य से ही प्रारंभिक जांच शुरू कर देते है।हर बार सुर्खियों में रहने वाले दिग्विजयसिंह विपक्ष पर आरोप लगाते रहते है लेंकिन कभी कभी कांग्रेस पार्टी के नेताओ को भी नही छोड़ते है।
*कांतिलाल मांडोत सूरत*





