(दुर्ग) राम भक्तो ने स्वयं खोला श्रीराम जानकी मंदिर का पूर्वी द्वार

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(दुर्ग) राम भक्तो ने स्वयं खोला श्रीराम जानकी मंदिर का पूर्वी द्वार
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22 जनवरी तक चलेगा पूजा पाठ तथा प्रसाद वितरण

दुर्ग, 14 जनवरी (आरएनएस)। नगर के सबसे ऐतिहासिक धरोहर में से एक श्री रामजानकी मंदिर (बड़े मठ) मठपारा दुर्ग चंडी मंदिर के पास स्थित है। जानकारों का कहना है कि यह मंदिर आज से लगभग 400-500 साल पहले भोंसले राजा द्वारा स्थापित किया गया था। वर्तमान में जिसकी स्थिति अत्यंत दयनीय है। इस मंदिर की करोड़ों की संपत्ति इस मठ के मठाधीश एवं उनके परिवार के लोगों द्वारा बेची जा चुकी है। मंदिर परिसर तक की संपत्ति बेची जा चुकी है। जिसकी पूरी जिम्मेदारी मठ के मठाधीश की है। श्रीराम जानकी मंदिर बचाओ की अस्थाई समिति लगातार पिछले सात आठ वर्षो से मुकदमा लड़ रही है जिसका परिणाम आज तक नहीं आ पाया है ।

अयोध्या में श्री रामलला विराजित हो रहे है जहां आज पूरा भारत राममयी हो गया है। वही दुर्ग नगर के ऐतिहासिक श्रींराम जानकी मंदिर की आज स्थिति अत्यंत दयनीय है। आज मंदिर में प्रवेश द्वार दक्षिण दिशा से होकर जाता है जिसका विरोध अस्थाई समिति द्वारा बहुत बार सर्वराकार के समक्ष किया जा चुका है। जिसमें उनके द्वारा मौखिक एवं लिखित आश्वासन दिया जा चुका है परंतु फिर भी अभी तक पूर्वीद्वार को खोला नहीं गया था।

इसी परिपेक्ष में रविवार 14 जनवरी को समस्त दुर्ग के राम भक्त एवं सनातनी धर्म के मानने वालों द्वारा एवं अस्थाई श्रीराम जानकी मंदिर बचाओ समिति द्वारा पूर्वी द्वार का उद्घाटन किया किया है तथा 16 जनवरी से 22 जनवरी तक पूरे उत्साह के साथ दुर्ग के सबसे पुराने एवं ऐतिहासिक श्रीराम जानकी मंदिर में पूजा पाठ तथा प्रसाद वितरण का कार्य किया जाना है। मंदिर का पूर्वीद्वार खुलते ही आमजन का सीधे मंदिर में प्रवेश होगा। इस प्रकार रामलला के दर्शन शुभ दिशा से भक्तों को अब प्राप्त होगा। पूर्वीद्वार उद्घाटन में प्रमुख रूप से रितेश कुमार शर्मा, अमित पटेल, योगेश शर्मा, गोपू पटेल, विजय साहू , सुमित दीवान, राजेश पटेल, लाला ढीमर, संस्कार अग्रवाल, नारायण शर्मा के साथ साथ सैकड़ो की संख्या में राम भक्त उपस्थित रहे!!

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