नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर पुनर्विचार की मांग

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नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर पुनर्विचार की मांग
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। उनके इस कदम के बाद राजनीतिक हलकों के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी चर्चा तेज हो गई है।

नामांकन दाखिल करने के बावजूद पार्टी के कुछ कार्यकर्ता चाहते हैं कि मुख्यमंत्री अपने इस निर्णय पर एक बार फिर विचार करें। इसी मांग को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) के दफ्तर के बाहर समर्थकों ने कई पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों में अपने नेता से अपील की गई है कि वे राज्यसभा जाने के फैसले पर पुनर्विचार करें और बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका जारी रखें।

समर्थकों का कहना है कि नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की राजनीति के केंद्रीय नेता रहे हैं और उनके नेतृत्व में राज्य ने कई विकास योजनाओं को आगे बढ़ते देखा है। ऐसे में कुछ कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनका राज्यसभा जाना राज्य की सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने जैसा कदम हो सकता है।

इसी मांग को संगठित तरीके से उठाने के लिए कुछ कार्यकर्ताओं ने “नीतीश सेवक पोस्टकार्ड अभियान” शुरू करने की योजना बनाई है। इस अभियान के तहत कार्यकर्ता पोस्टकार्ड के माध्यम से मुख्यमंत्री तक अपनी भावनाएँ और अनुरोध पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस घटनाक्रम ने जदयू के अंदर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है। हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री या पार्टी नेतृत्व की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने राज्यसभा जाने के फैसले पर पुनर्विचार करेंगे या तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेंगे।

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