मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में गुड़ी पड़वा, सृष्टि आरम्भ उत्सव पर धर्मनगरी उज्जैन में राम घाट पर भव्य आयोजन हुआ
उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत कल गुड़ी पड़वा, सृष्टि आरम्भ उत्सव के पावन अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन...

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत कल गुड़ी पड़वा, सृष्टि आरम्भ उत्सव के पावन अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन...
उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत कल गुड़ी पड़वा, सृष्टि आरम्भ उत्सव के पावन अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन में भव्य और आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिप्रा तट स्थित रामघाट,दत्त अखाड़ा घाट पर आयोजित इस महोत्सव में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसके बाद प्रसिद्ध पार्श्वगायक विशाल मिश्रा ने अपनी मधुर आवाज से श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने संगीत का आनंद लिया और नववर्ष का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
गुड़ी पड़वा, जिसे हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के प्रारंभ का प्रतीक माना जाता है, के कारण पूरे शहर में धार्मिक उल्लास का वातावरण रहा। भव्य ड्रोन शो,लेजर शो और आकर्षक आतिशबाजी ने शिप्रा तट के आकाश को रोशनी और रंगों से भर दिया कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भव्य ड्रोन शो,लेजर शो और आकर्षक आतिशबाजी रही, जिसने शिप्रा तट के आकाश को रोशनी और रंगों से भर दिया। ड्रोन शो के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदेशों का मनोहारी प्रदर्शन किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह अभिभूत हो गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा कार्यक्रम में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ का विक्रम पंचांग 2083,संस्कृति संचालनालय का कला पंचांग, बिमल कृष्ण दास की 84 महादेव,रामस्वरूप दास की ओरछाधीश,वीर भारत न्यास के महर्षि अत्रि ,महर्षि अंगिरा,धनवंतरी,महर्षि अगस्त्य, भरत मुनि के भारत निधि मोनोग्राफ,महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ की अष्टावक्र गीता,नारद गीता, ब्राह्मण गीता,गर्भ गीता,उत्तर गीता का विमोचन किया गया। विक्रमोत्सव अंतर्गत आयोजित सृष्टि आरम्भ उत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ संगीत, संस्कृति और तकनीक के संगम के रूप में उज्जैन को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान प्रदान की। सृष्टि आरम्भ उत्सव ने उज्जैन की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आस्था और आधुनिक आयोजन क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।





