डोंगला से गुजरने वाला नया फोरलेन लिखेगा महिदपुर की नई तकदीर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन सहित आसपास के क्षेत्र को मोक्षदायिनी मां क्षिप्रा का आशीर्वाद प्राप्त है। माँ क्षिप्रा इस...

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन सहित आसपास के क्षेत्र को मोक्षदायिनी मां क्षिप्रा का आशीर्वाद प्राप्त है। माँ क्षिप्रा इस...
उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन सहित आसपास के क्षेत्र को मोक्षदायिनी मां क्षिप्रा का आशीर्वाद प्राप्त है। माँ क्षिप्रा इस क्षेत्र के किसानों को अन्न उत्पादन के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराकर आशीर्वाद प्रदान करती है। महिदपुर भाग्यशाली है कि क्षिप्रा नदी पर बने लगभग सभी बांध और जलाशय महिदपुर में ही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ: 2028 के भव्य आयोजन के लिए इन दिनों उज्जैन और इसके आसपास हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य जारी हैं। डोंगला से गुजरने वाला नया फोरलेन महिदपुर की नई तकदीर लिखेगा। महिदपुर शहर ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में भी अपनी अलग पहचान रखता है, इसमें भी और गति आएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन के महिदपुर में विकास कार्यों के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से कुल 207 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
इसमें करीब 188 करोड़ 42 लाख रुपए की लागत के सामाकोटा बैराज के लोकार्पण सहित क्षेत्र के 13 उप-स्वास्थ्य केंद्र के नए भवनों, महाविद्यालय एवं स्कूलों के नवीन भवनों तथा नवीन विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सामाकोटा बैराज उज्जैन जिले में जल संरक्षण को नई ऊर्जा देगा। इससे भू-जल स्तर में सुधार होगा, जिससे हमारे अन्नदाता किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल और खेतों को नई संजीवनी मिलेगी। इतना ही नहीं, पानी की हरेक बूंद को सहेजने का यह भागीरथ प्रयास आने वाले सिंहस्थ और उज्जैन के भविष्य के लिए कवच का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिदपुर की मावा-बाटी और गुलाटी दोनों ही प्रसिद्ध है।
यहां आने का अलग ही आनंद है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का स्थान महिदपुर में है। काल गणना में भी यहां के डोंगला का योगदान अतुलनीय है। राजा जयसिंह ने 300 साल पहले उज्जैन, बनारस, जयपुर, मथुरा और दिल्ली में वेधशालाओं (जंतर-मंतर) का निर्माण कराया। सम्राट विक्रमादित्य और आर्यभट्ट की विरासत को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने डोंगला में आधुनिक ऑब्जर्वेटरी का निर्माण कराया है। दुनिया अपनी घड़ी में डोंगला से स्टैंडर्ड टाइम तय करे, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
Story Line :
SHABD,Bhopal, June 18,





