मुख्य सचिव के समक्ष नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट

मुख्य सचिव के समक्ष नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट

प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी के समक्ष नोएडा अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, जेवर के विस्तारीकरण (फेज-1, स्टेज-2) हेतु 06 ग्रामों यथा करौली बांगर, दयानतपुर, कुरैब, रन्हैरा, मुढ़रह व वीरमपुर हेतु सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के लिए नामित एजेन्सी गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की गई सामाजिक समाघात निर्धारण (एस0आई0ए0) रिपोर्ट का प्रस्तुतिकरण किया गया।

बैठक में बताया गया कि नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर में स्टेज-2 के फेज-1 पर तीसरे रनवे, एम0आर0ओ0 (मैन्टेनन्स, रिपेयर, ओवरहॉल) और एवीएशन सम्बंधित कार्य हेतु भूमि अर्जित हो रही है। विशेषज्ञ समूह ने अपनी 20 नवम्बर, 2021 की बैठक में भूमि के अर्जन के लिए एस0आई0ए0 अध्ययन की जो संस्तुति दी है, उसे स्वीकार कर लिया गया है।

इससे पूर्व बैठक में बताया गया कि नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर में स्टेज-2 के फेज-1 पर तीसरे रनवे हेतु 1365 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से 36.5495 हेक्टेयर भूमि यीडा के नाम पूर्व से ही अर्जित/पुनर्ग्रहीत/क्रय के माध्यम से दर्ज है। इसके अतिरिक्त ग्राम कुरैब की 16.3920 हेक्टेयर भूमि को क्रय करने की कार्यवाही यीडा द्वारा की जा चुकी है। अवशेष 1312.0585 हेक्टेयर भूमि में से 124.8214 हेक्टेयर शासकीय भूमि का पुनर्ग्रहण व 1185.6914 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।

उन्होंने बताया कि नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण हेतु 06 ग्रामों की 1185.6914 हेक्टेयर निजी भूमि अधिग्रहण के लिए भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-4 के अन्तर्गत नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय को सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन हेतु एजेन्सी नामित किया गया है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री शशि प्रकाश गोयल, अपर मुख्य सचिव वित्त एस0 राधा चौहान, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास अरविन्द कुमार, सी0ई0ओ0 यीडा, निदेशक नागरिक उड्डयन, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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