संसद में नागालैंड फायरिंग को लेकर किया हंगामा गलतियों से सबक सीखने की जरूरत

खुफिया एजेंसी की गलत जानकारी या कोई चूक का परिणाम इतना घातक हो सकता है इसकी कल्पना भी नही की जा सकती है।नागालैंड में सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के भरोसे गोलीबारी में 15 निर्दोष नागरिकों को मार दिया।हदयविदारक घटना की चारो तरफ निंदा की जा रही है। सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंन्सी की इस चूक को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।सुरक्षा बल गाड़ी का पीछा कर रुकवा सकते थे।लेकिन खुफिया एजेंन्सी की सूचना पर जिस कलर की गाड़ी बताई गई और गाड़ी को रोकने के लिए कहने के बाद जिस रफ्तार से गाड़ी गुजरी।उससे सुरक्षकर्मियो का शक बढ़ गया। दरअसल,गाड़ी में उग्रवादियों की जगह ग्रामीण सफर कर रहे थे।लिहाजा,उस गाड़ी मे उग्रवादी नही थे।उग्रवादियों के भरोसे ग्रामीणों पर गोली चलाई गई।यह दोषपूर्ण है।निर्दोष गरीबो की मौत से उनका परिवार टूट चुका है।सरकार की तरफ से कोई अनुग्रह मुहैया नही कराई गई है।एक छोटी सी भूल से 15 लोगो का जीवन छीन लिया।केंद्र सरकार को सांत्वना देना और उनकी सहायता राशि घोषित कर देनी चाहिए।जांच के बाद गलती सुरक्षा बलों की हो या खुफिया एजेंन्सी की हो तो भी निर्दोष लोग पुलिस की गोली से मर चुके है।उनका जीवन वापस मिलने से रहा।सरकार लाख जांच करा दे तो भी सुरक्षा बलों की इस भूल से प्रायश्चित के सिवा कुछ नही मिलने वाला है।इस तरह की घटनाएं पहले भी हुई है।उससे सुरक्षा बलो को भी जोखिम उठानी पड़ी है।राह चलते किसी को बिना कसूर मारना गलत है।नीति रीतियों को ताक पर रखा जाता है। उग्रभीड़ ने पुलिस की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया।राज्य सरकार ने पांच पांच लाख देने की घोषणा की है।गृहमंत्री अमित शाह ने भरोसा दिलाया है कि एक महीने के भीतर सीट द्वारा रिपोर्ट दी जाएगी।आज नागालैंड फायरिंग को लेकर संसद में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया।केंद्र सरकार को फायरिंग में मरने वाले गरीब परिवारों को अनुग्रह राशी दी जानी चाहिए।
*कांतिलाल मांडोत सूरत*





