लखनऊ विश्वविद्यालय के मूट कोर्ट एसोसिएशन द्वारा हुआ कार्यशाला का आयोजन.....
लखनऊ विश्वविद्यालय में आज विधिक लेखन के विषय मे एक कार्यशाला को आयोजित किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन लखनऊ विश्वविद्यालय मूट कोर्ट एसोसिएशन द्वारा...


लखनऊ विश्वविद्यालय में आज विधिक लेखन के विषय मे एक कार्यशाला को आयोजित किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन लखनऊ विश्वविद्यालय मूट कोर्ट एसोसिएशन द्वारा...
लखनऊ विश्वविद्यालय में आज विधिक लेखन के विषय मे एक कार्यशाला को आयोजित किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन लखनऊ विश्वविद्यालय मूट कोर्ट एसोसिएशन द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में वक्ता के रूप में विधि संकाय के पुरातन छात्र एवं वर्तमान में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ लखनऊ के अधिवक्ता शम्भू नाथ मिश्रा रहे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विधि संकाय के प्रमुख एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सी.पी.सिंह द्वारा बताया गया। उन्होंने बताया कि आज के समय में ज्ञान अर्जित करना तो महत्वपूर्ण है ही तथा उसके साथ ही साथ उस ज्ञान को व्यक्त करना भी महत्वपूर्ण है और इस ज्ञान को हम या तो बोलकर या लिखकर व्यक्त करते है।
हमें इस आपदा को अवसर में बदलना है तथा और समय निकाल कर अपनी पढ़ाई पर केंद्रित होना है।
इसके बाद शम्भू नाथ मिश्रा जी ने लीगल राइटिंग के विषय मे बताया। उन्होंने सर्वप्रथम लीगल राइटिंग की परिभाषा को बताया तथा जारगन के विषय मे तथा उसके प्रयोग के विषय में बताया। इसके बाद उन्होंने लेखन के तरीके को बताया। उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम हम ऐसे विषय को चुने जिससे हम परिचित हों, जिसके बारे में हम अच्छे से अवगत हों। हमें कुछ विशेष हैडिंग पर भी विशेष ध्यान देना होता है जैसे- एब्सट्रेक्ट, इंट्रोडक्शन और कॉनक्लूसन। हमें केवल एक पक्ष को लेकर नहीं चलना होता अपितु दोनों पक्षों को अपने टॉपिक के अनुसार समझाना होता है।
इसके बाद हमें फॉन्ट, लाइन स्पेसिंग, फुट नोट का भी ध्यान देना होता है साथ ही साथ साइटेशन स्टाइल को भी देखना होता है। हम जिस जर्नल में अपना आर्टिकल पब्लिश कराने जा रहे हैं उसके सभी निर्देशों का पालन करना होता है।
जब भी हम आर्टिकल लिखें तो उसको काम से कम 2-4 बार खुद पढ़ लें, अगर पहली बार कर रहे हैं तो किसी सीनियर से उसका ऑब्जरवेशन ले लें और इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि पेड-जर्नल में न पब्लिश कराये उसकी जगह यूजीसी लिस्टेड जर्नल में पब्लिश कराने का प्रयास करें। उन्होंने उपस्थित बच्चों के प्रश्नों का उत्तर दिया तथा उनकी समस्याओं का निदान किया। इसके बाद लखनऊ विश्वविद्यालय मूट कोर्ट एसोसिएशन की तरफ से आज के इस आयोजन का आभार प्रदर्शन किया गया तथा सभी को ये आश्वस्त किया गया कि किसी भी प्रकार की पठन-पाठन से सम्बंधित जानकारी या मदद के लिए आप बिना संकोच किये, लखनऊ विश्वविद्यालय मूट कोर्ट एसोसिएशन को अपनी समस्या मेल कर सकते है।
अराधना मौ