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224 सेवानिवृत्त अफसरों व बुद्धिजीवियों ने लव जिहाद कानून के समर्थन में योगी को लिखा पत्र

224 सेवानिवृत्त अफसरों व बुद्धिजीवियों ने लव जिहाद कानून के समर्थन में योगी को लिखा पत्र


लखनऊ, 04 जनवरी । उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा लव जिहाद के खिलाफ लाए गए कानून पर 104 अवकाश प्राप्त आईएएस अधिकारियों ने इस कानून के विरोध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा तो अब 224 पूर्व आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के साथ न्यायाधीशों व शिक्षाविदों ने इस कानून के समर्थन में मुख्यमंत्री योगी को पत्र भेजा है।समर्थन वाली चिट्ठी सोमवार देर रात राजधानी में चर्चा का विषय बनी।

इन अधिकारियों और बुद्धिजीवियों का नेतृत्व उप्र के पूर्व मुख्य सचिव और राज्यसभा के महासचिव रहे योगेंद्र नारायन ने किया है। नई चिट्ठी में लिखा गया है कि जो अवकाश प्राप्त अधिकारी लव जिहाद के खिलाफ लाए गए कानून का विरोध कर रहे हैं, वे सरकार के विरोधी स्वभाव के हैं। वे हजारों पूर्व अधिकारियों का प्रतिनिधित्व भी नहीं करते हैं। ऐसे में उनके द्वारा मुख्यमंत्री योगी को जो नसीहत दी गई है, वह गैरजिम्मेदराना है। नई चिट्ठी में कहा गया है कि ब्रिटिश राज में भी कई रजवाड़ों ने इसी तरह के कानून लागू किए थे। यह कानून धर्म और जाति छिपाकर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कारगर है।

दरअसल कुछ दिन पहले 104 सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर उक्त कानून को समाज बांटने और नफरत फैलाने वाला बताया था। उस पत्र के माध्यम से लव जिहाद के खिलाफ बने कानून को रद्द करने की मांग भी की गई थी।गौरतलब है कि लव जिहाद को रोकने के लिए योगी सरकार ने बीते वर्ष उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश-2020 पारित किया था। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 28 नवम्बर को इस अध्यादेश को मंजूरी दी थी। हालांकि इस अध्यादेश में लव जिहाद का उल्लेख नहीं है, लेकिन उप्र में इसे लव जिहाद के खिलाफ कानून बताकर ही प्रचारित किया जा रहा है।



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