फातमा बेगम (भारत की पहली महिला फिल्‍म मेकर)

हिंदुस्‍तान का पहला पुरुष फिल्‍म मेकर कौन था, ये तो हम सब जानते हैं. दादा साहेब फाल्‍के का नाम किताबों में बार-बार दोहराया जाता है, लेकिन हममें से कोई शायद ही ये जानता हो कि भारत की पहली महिला फिल्‍ममेकर कौन थी. भारत की पहली महिला फिल्‍म मेकर थीं फातमा बेगम.

सरस्‍वती बाई फाल्‍के (भारत की पहली महिला फिल्‍म एडिटर)

‘लाइट्स, कैमरा, एक्‍शन- लाइफ एंड टाइम्‍स ऑफ दादा साहेब फाल्‍के.’ इस किताब में पहली बार उस महिला के काम और सिनेमाई योगदान का विस्‍तार से जिक्र था, जिसे अब तक अधिकांश लोग सिर्फ दादा साहेब फाल्‍के की पत्‍नी के रूप में जानते रहे थे

दुर्गाबाई कामत भारत की पहली महिला अभिनेत्री

‘मोहिनी भस्‍मासुर.’ इस फिल्‍म में अभिनय करने के लिए एक अभिनेत्री की जरूरत थी और यही वो पहली फिल्म थी जिसमें महिला का रोल किसी पुरुष को नहीं निभाना पड़ा. दुर्गाबाई कामत फिल्‍म में काम करने के लिए तैयार हो गईं. उन्‍होंने पार्वती की भूमिका निभाई और इस तरह सिनेमा के पर्दे पर काम करने वाली वो पहली अदाकारा बन गईं.

जद्दनबाई भारत की पहली महिला फिल्‍म म्‍यूजिक कंपोजर

जद्दन बाई भारतीय सिनेमा की पहली महिला म्‍यूजिक कंपोजर थीं. उनका संगीत देश-दुनिया में फैला. जद्दनबाई का नाम भारतीय सिनेमा और संगीत के इतिहास में अमर है.

मीना नारायणन भारत की पहली महिला साउंड इंजीनियर

मीना नारायणन तमिल सिनेमा में काम करने वाली भारत की पहली महिला साउंड इंजीनियर थीं.1934 में तमिल सिनेमा की पहली बोलने वाली फिल्‍म बनी ‘श्रीनिवास कल्‍याणनम.’ इस फिल्‍म में मीना ने बतौर असिस्‍टेंट साउंड इंजीनियर काम किया.