कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार को आयुष विभाग, नीमा महिला फोरम व नीमा के संयुक्त तत्वाधान में 11वाँ आयुर्वेद दिवस बड़े धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरूआत विवि स्थित औषधि वाटिका में भगवान धन्वंतरि की मूर्ति पर विवि के कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, जिला विकास अधिकरी आत्म प्रकाश रस्तोगी, कानपुर नगर एवं क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. कप्तान सिंह व नीमा की महिला फोरम की सचिव डॉ. वंदना पाठक ने माल्यार्पण एवं हवन पूजन के साथ शुरू हुआ। इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं नागरिकों ने औषधि वाटिका का भ्रमण कर औषधीय पौधों के बारे में जानकारी प्राप्त की । नीमा की महिला फोरम की सचिव डॉ. वंदना पाठक ने लोगों को औषधीय पौधों की विभिन्न रोगों में होने वाले अभ्यंतर एवं बाह्य रूप में उनकी उपयोगिता की जानकारी दी। औषधि वाटिका में स्थित आयुर्वेद के प्रवर्तक आचार्य चरक एवं आचार्य सुश्रुत की मूर्तियों पर भी माल्यार्पण कर आयुर्वेद के सिद्धांतों को देने वाले आचार्य को याद किया गया।

इसके बाद सेनानायक तात्या टोपे सीनेट सभागार में गोष्ठी का आयोजन हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा जी ने आयुर्वेद के महत्व के बारे में कोविड के समय में उनके परिवार में आए हुए संकट में आयुर्वेद की भूमिका एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला। जिला विकास अधिकारी आत्म प्रकाश रस्तोगी ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के उपयोगी होने एवं अधिक प्रयोग पर बल दिया। इस अवसर पर विभिन्न जनपदों से आए आयुर्वेद के विद्वानों द्वारा अपने-अपने चिकित्सा विषय पर व्याख्यान दिए गए एवं आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से विभिन्न रोगों में होने वाले लाभ के बारे में सभी लोगों को जागरूक किया। शामली से आए डॉ. राजकुमार तायल ने अस्थमा रोग पर कर्णवेदन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता बताइ। उन्होंने बताया कि लगभग 20000 रोगियों पर उन्होंने विगत वर्षों पर कर्णवेदन चिकित्सा पद्धति का सफलतापूर्वक प्रयोग किया एवं लोगों को इस क्रॉनिक रोग से मुक्ति दिलाई। उनका स्वप्न अस्थमा रहित समाज इस कार्य के द्वारा और भी बढ़ाया जा सकता है। लखनऊ से आए ख्याति प्राप्त चिकित्सक डॉ. संजीत साहू ने मधुमेह के रोगियों में होने वाले अल्सर एवं जलने से हुए रोग में आयुर्वेद की चिकित्सा प्रयोग कर सफलतापूर्वक लाभ प्राप्त करने का प्रदर्शन किया। कानपुर की डॉ. संगीता सारस्वत ने बताया कि पुंसवन संस्कार से गर्भवति महिलाओं में उत्तम संतान की प्राप्ति हुई एवं वह बच्चे अधिक निरोगी रहे। अतर्रा बांदा से आए हुए वरिष्ठ सर्जन डॉ. ए.के. सिंह ने क्षार सूत्र विधि द्वारा गुदा में होने वाले जटिल रोग अर्श एवं भगंदर की चिकित्सा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति बहुत कम खर्च पर अधिक लाभ प्राप्त कराती है इस प्रकार व्याख्यान देकर लोगों को अधिक से अधिक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति अपनाने पर बल दिया। कानपुर नगर की वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने नशा मुक्ति के लिए आयुर्वेद की उपयोगिता बताई। उन्होंने बताया कि शराब के सेवन से होने वाले नुकसान से बचने को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति बहुत लाभदायक है। बहुत से शराब के लती व्यक्तियों के परिवार को उन्होंने आयुर्वेदिक औषधियां प्रदान कर उन लोगों को शराब के नशे से मुक्त कराने में माहती भूमिका निभाई है। कानपुर नगर की ही स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.सोनम गुप्ता ने महिलाओं के होने वाले जटिल रोग पीसीओडी एवं पीसीओएस में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से लाभ प्राप्त करने के लिए विभिन्न साधनों का और औषधी के इस्तेमाल पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर नीमा की कानपुर शाखा के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे ।साथ ही आयुर्वैदिक कॉलेज से आए हुए शिक्षक गण एवं विद्यार्थियों ने सेमिनार में आकर आयुर्वेद का ज्ञान एवं प्रेरणा प्राप्त की। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. कप्तान सिंह एवं पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी एवं वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ निरंकार गोयल ने इस अवसर पर ख्याति प्राप्त चिकित्सकों को पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित किया। डॉ रवि कुमार गुप्ता ने सभी लोगों से अनुरोध किया कि वह जनपद में विभिन्न स्थानों पर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयो में आये एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का लाभ उठाएं। यह सुलभ सरल एवं उत्तम स्वास्थ्य की कुंजी है, जिसमें बहुत अधिक खर्च नहीं आता एवं रोगी अधिक लाभ प्राप्त करता है और अधिक समय तक निरोगी रह पाता है। लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति एवं आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के रामकिशोर जी ने किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. कप्तान सिंह एवं डॉ निरंकार गोयल ने सभी आए हुए गणमान्य अधिकारियों चिकित्सा अधिकारियों एवं विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का सम्मान एवं धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में नीम महिला फोरम की डॉ. नीरज, डॉ.प्रतिमा, डॉ. निरंकार गोयल संस्थापक सदस्य डॉ. वी.के.दुबे,डॉ. आदित्य अग्रवाल आदि लोग उपस्थित रहे।