भाषा विश्वविद्यालय ने 17वें स्थापना दिवस पर हासिल की अभूतपूर्व प्रगति, विद्यार्थियों की संख्या 6,500 के पार
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय गुरुवार, 1 अक्टूबर को अपना 17वां स्थापना दिवस समारोह मनाएगा। विश्वविद्यालय की स्थापना 1 अक्टूबर 2009 को हुई थी तथा अगस्त 2013 में प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ हुआ। स्थापना के शुरुआती चरण से लेकर वर्तमान तक विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, भाषा शिक्षण तथा बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है।
विश्वविद्यालय का 17वां स्थापना दिवस समारोह 1 अक्टूबर को परिसर स्थित अब्दुल कलाम आजाद अकादमिक भवन में आयोजित किया जाएगा। समारोह में IIM के निदेशक प्रो. एम.पी. गुप्ता मुख्य अतिथि होंगे, जबकि अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा करेंगे।
समारोह का शुभारंभ प्रातः 11:30 बजे मुख्य अतिथि के आगमन से होगा। इसके बाद मुख्य अतिथि एवं कुलपति द्वारा ‘AI मंथन 1.0’ के अंतर्गत प्रदर्शित मॉडलों एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया जाएगा। अटल सभागार में मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ होगी। इसके बाद सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय कुलगीत प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम में अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट किए जाएंगे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों एवं प्रमुख गतिविधियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की जाएगी। विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी तथा विश्वविद्यालय परिसर की स्वच्छता में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सफाई मित्रों का सम्मान किया जाएगा। विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। मुख्य अतिथि प्रो. एम.पी. गुप्ता स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करेंगे। इसके पश्चात माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित करेंगे। धन्यवाद ज्ञापन के बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन होगा।
विदित है कि विश्वविद्यालय की शुरुआत मात्र 413 विद्यार्थियों, 28 शिक्षकों और 28 पाठ्यक्रमों के साथ हुई थी। इनमें 17 स्नातक और 11 परास्नातक पाठ्यक्रम शामिल थे। प्रारंभिक चरण में उर्दू, अरबी, फारसी, हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, शिक्षाशास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, गृह विज्ञान सहित बी.कॉम., बी.बी.ए., बी.ए.-जे.एम.सी., बी.सी.ए. तथा बी.एससी. जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए गए। परास्नातक स्तर पर एम.ए., एम.कॉम., एम.बी.ए. और एम.ए.-जे.एम.सी. सहित विभिन्न पाठ्यक्रम उपलब्ध थे। 30 सितंबर 2026 तक विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 6,529 हो गई है। इनमें प्रथम वर्ष के 2,907, द्वितीय वर्ष के 2,070, तृतीय वर्ष के 1,220 तथा चतुर्थ वर्ष के 332 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालय में 07 संकायों के अंतर्गत 88 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं तथा शिक्षकों की संख्या बढ़कर 199 हो गई है। यह विस्तार विश्वविद्यालय के निरंतर शैक्षणिक विकास और बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों के विस्तार को दर्शाता है।
कुलसचिव विकास ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि समारोह में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचार, विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और सांस्कृतिक विविधता को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। विश्वविद्यालय परिवार द्वारा 17वें स्थापना दिवस को गरिमापूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाने की व्यापक तैयारियां की गई हैं।