राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं लज्जाराम तोमर जी के शिक्षा दर्शन पर विशिष्ट व्याख्यान आयोजित

Update: 2026-07-21 14:10 GMT


ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, अवध प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं लज्जाराम तोमर जी का शिक्षा दर्शन" विषय पर एक विशिष्ट व्याख्यान आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के  कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में किया गया। व्याख़ान के आयोजन में प्रो. जयशंकर प्रसाद पाण्डेय, क्षेत्रीय संयोजक, विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, प्रो. सुभाष मिश्र, अध्यक्ष, विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान तथा डॉ. मंजुल त्रिवेदी, सचिव, विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान ने मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. पूनम चौधरी, संकाय अध्यक्ष, सामाजिक विज्ञान संकाय एवं विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग रहीं । कार्यक्रम के प्रारम्भ में डॉ. रुचिता सुजय चौधरी, सहायक आचार्य एवं प्रभारी, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए विषय की भूमिका प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय ज्ञान परंपरा, मूल्य-आधारित शिक्षा, कौशल विकास तथा समग्र व्यक्तित्व निर्माण पर आधारित शिक्षा व्यवस्था का मार्ग प्रशस्त करती है।

उन्होंने श्रद्धेय लज्जाराम तोमर जी के शिक्षा दर्शन का परिचय देते हुए उनकी अभिनव पंचपदी शिक्षण पद्धति के पाँच सोपानों अधिति, बोध, अभ्यास, प्रयोग एवं प्रसार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह शिक्षण पद्धति केवल ज्ञानार्जन तक सीमित न होकर व्यवहार परिवर्तन, चरित्र निर्माण तथा समग्र व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है। साथ ही उन्होंने बताया कि लज्जाराम तोमर जी के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य शारीरिक, मानसिक, नैतिक, व्यावसायिक एवं आध्यात्मिक विकास के माध्यम से राष्ट्रनिष्ठ, संस्कारित एवं उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण करना है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना से पूर्णतः सामंजस्य रखता है।

अपने व्याख्यान में डॉ. पूनम चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा की मुख्यधारा में स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने श्रद्धेय लज्जाराम तोमर जी के शिक्षा दर्शन की समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्रवान, संस्कारित, उत्तरदायी एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना है। उन्होंने विशेष रूप से लज्जाराम तोमर जी द्वारा प्रतिपादित पंचपदी शिक्षण पद्धति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके पाँच सोपान अधिति, बोध, अभ्यास, प्रयोग एवं प्रसार भारतीय शिक्षण परंपरा को व्यवहारिक, सहभागी और जीवनोपयोगी बनाते हैं। उन्होंने कहा कि 'अधिति' के माध्यम से विद्यार्थी विषय का अध्ययन करता है, 'बोध' में उसके मूल सिद्धांतों को समझता है, 'अभ्यास' द्वारा ज्ञान को आत्मसात करता है, 'प्रयोग' के माध्यम से उसे व्यवहार में उतारता है तथा 'प्रसार' के द्वारा समाज के साथ साझा कर लोककल्याण की दिशा में योगदान देता है। उन्होंने कहा कि यह पद्धति केवल सूचना-आधारित शिक्षा नहीं, बल्कि अनुभवपरक, मूल्यपरक और समाजोन्मुख शिक्षा का आदर्श मॉडल प्रस्तुत करती है। उन्होंने आगे कहा कि लज्जाराम तोमर जी ने शिक्षा के पाँच प्रमुख उद्देश्यों शारीरिक, मानसिक, नैतिक, व्यावसायिक एवं आध्यात्मिक विकास पर बल दिया, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की समग्र एवं बहुआयामी शिक्षा की अवधारणा से पूर्णतः मेल खाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों का आह्वान किया कि वे भारतीय ज्ञान परंपरा के इन सिद्धांतों को अपने अध्ययन, शोध तथा सामाजिक जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

व्याख्यान के उपरांत प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ सहभागिता करते हुए विषय से संबंधित अनेक जिज्ञासाएँ व्यक्त कीं। मुख्य वक्ता ने सभी प्रश्नों के विस्तृत एवं संतोषजनक उत्तर दिए, जिससे प्रतिभागियों को विषय की गहन समझ प्राप्त हुई।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. शचिन्द्र शेखर ने प्रमुख बिंदुओं का सार प्रस्तुत करते हुए भारतीय शिक्षा परंपरा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के समन्वित दृष्टिकोण को समय की आवश्यकता बताया। अंत में डॉ. सैयद असगर काज़िम रिज़वी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में डॉ. हिमांशु, डॉ. चेतना, मुस्कान तथा विशाल सहित विभाग के शिक्षकगण, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय डॉ. रुचिता सुजय चौधरी द्वारा किया गया।

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