आई.ई.टी., बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में सात दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम-2026 का भव्य समापन*
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आई.ई.टी.) में आयोजित सात दिवसीय स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम-2026 का समापन प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सत्र के साथ हुआ। समापन अवसर पर भारत के प्रथम ए.एन.पी. विशेषज्ञ, माइंड एंड वेलनेस कोच, एक्यूपंक्चरिस्ट एवं नेचुरोपैथ डॉ. डी. के. राज ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच तथा संतुलित जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया।
‘माइंड एंड वेलनेस’ विषय पर आयोजित विशेष सत्र में डॉ. डी. के. राज ने ‘रिसोर्सफुल’ और ‘अनरिसोर्सफुल’ मानसिक अवस्थाओं की अवधारणा को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की सोच, भावनाएं और मानसिक स्थिति उसके व्यवहार, निर्णय तथा कार्यक्षमता को सीधे प्रभावित करती हैं। तनाव अथवा अनरिसोर्सफुल अवस्था में रहने से शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रियाएं प्रभावित होती हैं और लंबे समय तक तनाव में रहने से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे नकारात्मक विचारों और मानसिक अवरोधों से स्वयं को मुक्त करने के लिए प्रेरित किया, जो उनकी प्रगति और सफलता में बाधा बनते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने भीतर उपलब्ध क्षमताओं और बाहरी संसाधनों का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए। “जीवन का उद्देश्य योगदान देना और निरंतर आगे बढ़ना है” का संदेश देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी क्षमताओं एवं संसाधनों के माध्यम से समाज और दूसरों के जीवन में सार्थक योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डीन इंजीनियरिंग प्रो. एम. एम. सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन को सरल बनाने तथा अनावश्यक जटिलताओं से बचते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट सोच, अनुशासन और संतुलित जीवनशैली विद्यार्थी जीवन में सफलता की दिशा तय करती है।
निदेशक इंजीनियरिंग प्रो. डी. के. भट्ट ने सात दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम के सफल आयोजन पर पूरी आयोजन टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय एवं संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इंडक्शन प्रोग्राम समन्वयक इंजी. राजेश वर्मा ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आयोजन में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, समन्वयकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समापन अवसर पर आयोजित वालिडिक्टरी सेशन में प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रशस्ति प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों एवं समन्वयकों को उनके समर्पण और सहयोग के लिए ‘सर्टिफिकेट ऑफ ग्रैटिट्यूड’ प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर इंडक्शन प्रोग्राम समन्वयक इंजी. राजेश वर्मा, इंजी. विजय वर्मा एवं डॉ. शुभांगी निगम तथा एकेडमिक कोऑर्डिनेटर इंजी. शशिकांत वर्मा सहित डॉ. अंजिता श्रीवास्तव, डॉ. रवि कुमार, इंजी. लाखन सिंह, इंजी. महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. इकरूप कौर वर्मा, डॉ. जितेंद्र वर्मा, डॉ. सतेंद्र उपाध्याय, इंजी. अनुराग कुमार, डॉ. अतुल मकरारिया, डॉ. सूरजीत रैकवार, इंजी. दिनेश द्विवेदी, इंजी. बिक्रम बहादुर निरंजन, डॉ. राहुल शुक्ला, इंजी. आशीष स्वर्णकार, इंजी. रजत कुशवाहा, इंजी. ब्रजेश लोधी, डॉ. विशाल आर्य, डॉ. शशिकांत वर्मा, डॉ. साक्षी दुबे, इंजी. गौरव वर्मा एवं डॉ. सैयद ताजेन अली को ‘सर्टिफिकेट ऑफ ग्रैटिट्यूड’ प्रदान किए गए।
मंच प्रबंधन डॉ. अंजिता श्रीवास्तव एवं डॉ. शुभांगी निगम ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन इंजी. विजय वर्मा ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में फॉरेंसिक साइंस विभाग की डॉ. अनु सिंगला, डॉ. डी. के. राज की टीम के सदस्य, प्रथम वर्ष के विद्यार्थी तथा आई.ई.टी. के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, समन्वयक एवं शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।