विश्वविद्यालय में अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती पर हुआ भव्य कार्यक्रम

Update: 2026-07-23 13:22 GMT


कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में महान क्रांतिकारी एवं अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती के अवसर पर गुरुवार को देशभक्ति, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद के संघर्षपूर्ण जीवन, स्वतंत्रता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका तथा भारतीय इतिहास में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज़ाद का संपूर्ण जीवन मातृभूमि के प्रति समर्पण, निर्भीकता और आत्मबल का अनुपम उदाहरण है। उनके विचारों ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का कार्य किया।

शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. तनुजा भट्ट ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन केवल इतिहास का गौरवशाली अध्याय नहीं, बल्कि वर्तमान और भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अमूल्य स्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे आज़ाद के साहस, आत्मसम्मान,अनुशासन एवं राष्ट्रनिष्ठा जैसे गुणों को अपने जीवन में अपनाकर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

हिंदी विभाग के डॉ. श्री प्रकाश ने वीर स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित एक ओजस्वी एवं प्रेरणादायक कविता का पाठ किया। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनों के मन में राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान एवं देशसेवा की भावना का संचार किया।

कार्यक्रम में डॉ. रश्मि गोरे ने अपने परिवार से जुड़े प्रेरणादायक वास्तविक प्रसंग साझा किए। उन्होंने बताया कि परिवार ही वह प्रथम संस्था है, जहाँ से संस्कार, नैतिक मूल्य एवं देशभक्ति की भावना विकसित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन में ईमानदारी, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का पालन करने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. स्नेह पांडेय ने अपने प्रेरक उद्बोधन में विद्यार्थियों को महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों का अनुसरण करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल बड़े कार्यों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के उत्तरदायित्वपूर्ण आचरण, अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा से संभव होता है।

कार्यक्रम में डॉ. रत्नर्तुः मिश्रा ने कविता-पाठ एवं वास्तविक जीवन की प्रेरणादायक घटनाओं के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया। उनके विचारों ने विद्यार्थियों को यह अनुभव कराया कि महान व्यक्तित्वों के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे। एम.एड. तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं मंजुला, शिखा सिंह, शिखा तिवारी, प्रतिमा तथा छात्र विष्णु ने चंद्रशेखर आज़ाद के जीवन, उनके अद्वितीय साहस, त्याग, राष्ट्रभक्ति एवं बलिदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि आज़ाद का जीवन युवाओं के लिए आत्मविश्वास, संघर्षशीलता और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा का अमर स्रोत है।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश मिश्रा व अन्य अतिथियों द्वारा अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुआ। इस मौके पर उपस्थित सभी शिक्षकगण, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने महान क्रांतिकारी के अदम्य साहस, राष्ट्रप्रेम और बलिदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का भी संकल्प लिया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. बद्रीनारायण मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता में सभी के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस मौके कुवंर कुलदीप सिंह चौहान, प्रिया तिवारी, डॉ शिवचरण पटेल आदि छात्र व शोधार्थी उपस्थित रहे।

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