लखनऊ। 20 अगस्त -ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को वैश्विक रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जर्मन भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को जर्मन भाषा के A1 से B2 स्तर तक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से जर्मनी में रोजगार एवं प्लेसमेंट के अवसरों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। प्रशिक्षण की कुल अवधि लगभग 3 से 4 माह होगी। प्रथम चरण में A1 एवं A2 स्तर का प्रशिक्षण विश्वविद्यालय परिसर में ऑफलाइन माध्यम से दिया जाएगा, जबकि आगामी चरण में B1 एवं B2 स्तर का प्रशिक्षण ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि वर्तमान समय में विदेशी भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों के लिए रोजगार और वैश्विक अवसरों के नए द्वार खोलता है। जर्मन भाषा प्रशिक्षण की यह पहल विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमताओं को विकसित करने तथा जर्मनी में रोजगार एवं प्लेसमेंट के अवसर प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कुलपति ने कहा कि जर्मन भाषा में दक्षता विद्यार्थियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के साथ उनके अकादमिक एवं व्यावसायिक विकास में भी सहायक होगी। विश्वविद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है।

डीन एकेडमिक्स प्रो. सौबान सईद ने कहा कि विदेशी भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों के अकादमिक विकास के साथ-साथ उनके व्यावसायिक भविष्य को भी मजबूत करता है। जर्मन भाषा प्रशिक्षण विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर प्राप्त करने में सहायक होगा और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाएगा।

जर्मन भाषा प्रशिक्षक जवाहर सिन्हा ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। A1 एवं A2 स्तर के प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन चार घंटे कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसके बाद B1 एवं B2 स्तर के ऑनलाइन प्रशिक्षण में प्रतिदिन दो घंटे की कक्षाएं आयोजित होंगी।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिखा सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुमन कुमार मिश्र ने दिया। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के लिए जापानी भाषा का प्रशिक्षण भी आगामी माह से शुरू किए जाने की संभावना है। इसके लिए विश्वविद्यालय, रोजगार मिशन, रोजगार संस्थानों तथा उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से प्रयास किए जा रहे हैं।

डॉ. सुमन कुमार मिश्र ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रारंभ कराने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंत्री अनिल राजभर तथा विभागीय अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हुआ है, जिसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से आभार व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर प्रो. चंदना डे, डॉ. अब्दुल हफीज, डॉ. राजेंद्र कुमार त्रिपाठी, डॉ. दिगेश पांडेय और अमन मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों को विदेशी भाषा, रोजगारपरक कौशल और वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।