झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में आयोजित सात दिवसीय स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के दूसरे दिन नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय एवं संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक, तकनीकी और नवाचार संबंधी सुविधाओं से परिचित कराया गया। इसके तहत विद्यार्थियों ने इनोवेशन सेंटर, इन्क्यूबेशन सेंटर, सेंट्रल लाइब्रेरी और यूटिलिटी सेंटर का भ्रमण कर वहां उपलब्ध संसाधनों एवं सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को इनोवेशन सेंटर में नवाचार, तकनीकी प्रयोग और नए विचारों को विकसित करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया गया। वहीं इन्क्यूबेशन सेंटर में विद्यार्थियों को स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार आधारित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया से परिचित कराया गया। सेंट्रल लाइब्रेरी में पुस्तकों, शोध सामग्री एवं अध्ययन संसाधनों की जानकारी दी गई, जबकि यूटिलिटी सेंटर में विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न आवश्यक सेवाओं एवं सुविधाओं को जाना।

विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं के विद्यार्थियों को अलग-अलग समूहों में निर्धारित केंद्रों का भ्रमण कराया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के समूह का नेतृत्व डॉ. सैयद ताजेन अली एवं इंजी. गौरव वर्मा ने किया। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को इंजी. अनुराग कुमार एवं इंजी. यशवंत देव ने विभिन्न सुविधाओं से परिचित कराया।

बायोटेक्नोलॉजी एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों का भ्रमण इंजी. दिनेश द्विवेदी, डॉ. सतेंद्र उपाध्याय एवं इंजी. रजत कुशवाहा के निर्देशन में हुआ। वहीं इलेक्ट्रिकल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग तथा फूड इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों को इंजी. आशीष स्वर्णकार, इंजी. चंपका एवं यशी सक्सेना ने विभिन्न केंद्रों का भ्रमण कराया।

इंडक्शन प्रोग्राम के समन्वयक इंजी. राजेश वर्मा एवं इंजी. विजय वर्मा के निर्देशन तथा एकेडमिक कोऑर्डिनेटर इंजी. शशिकांत वर्मा के समन्वय में आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अपने नए शैक्षणिक परिवेश से सहज रूप से जोड़ना और विश्वविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित करना रहा।

आयोजकों ने बताया कि इंडक्शन प्रोग्राम के आगामी दिनों में विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक, तकनीकी, नवाचार, व्यक्तित्व विकास एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थी इंजीनियरिंग शिक्षा के साथ-साथ अपने समग्र व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक कौशल का भी विकास कर सकें।