आर्ट ऑफ स्मार्ट वर्क’ से विद्यार्थियों ने सीखे समय प्रबंधन और सफलता के मंत्र
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में आयोजित स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के अंतर्गत नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ‘आर्ट ऑफ स्मार्ट वर्क – लर्न स्मार्ट, वर्क स्मार्टर, लिव बेटर’ विषय पर विशेष प्रेरणादायक सत्र आयोजित किया गया। सत्र में यूथ मेंटर एवं स्पिरिचुअल स्पीकर तथा इस्कॉन झांसी/आईआईटी कानपुर के वाइस प्रेसिडेंट हिज ग्रेस प्रिय गोविंद दास प्रभु ने विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्क, समय प्रबंधन, एकाग्रता, अनुशासन, मानसिक संतुलन और प्रभावी निर्णय क्षमता के महत्व से परिचित कराया।
प्रिय गोविंद दास प्रभु ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए केवल कठिन परिश्रम पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही दिशा, स्पष्ट लक्ष्य और योजनाबद्ध तरीके से किया गया कार्य अधिक प्रभावी परिणाम देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने, प्राथमिकताएं निर्धारित करने और अनावश्यक गतिविधियों से स्वयं को दूर रखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि मन की एकाग्रता कार्यक्षमता को बढ़ाती है। सकारात्मक सोच, नियमित दिनचर्या और आत्मअनुशासन के माध्यम से विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ व्यक्तिगत जीवन में भी संतुलन स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को परिस्थितियों के दबाव में निर्णय लेने के बजाय शांत मन से सोच-विचार कर निर्णय लेने तथा अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया।
आईईटी के निदेशक प्रो. डी. के. भट्ट ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ जीवन प्रबंधन, अनुशासन, मानसिक संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रेरक सत्र विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, लक्ष्य निर्धारित करने और जीवन में सही दिशा चुनने में सहायता करते हैं।
सत्र में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें समय प्रबंधन, एकाग्रता, अनुशासित दिनचर्या तथा अपने शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत लक्ष्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में इंडक्शन प्रोग्राम समन्वयक इंजी. राजेश वर्मा, इंजी. विजय वर्मा एवं डॉ. शुभांगी निगम की प्रमुख भूमिका रही। वहीं एकेडमिक कोऑर्डिनेटर इंजी. शशिकांत वर्मा, डॉ. अंजिता श्रीवास्तव, डॉ. रवि कुमार, डॉ. दिनेश द्विवेदी एवं इंजी. अनुराग कुमार ने भी कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर आईईटी के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, समन्वयक, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में प्रथम वर्ष के विद्यार्थी उपस्थित रहे।