ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में  कुलपति प्रो. अजय तनेजा के मार्गदर्शन में सेंटर फॉर इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट, वाणिज्य विभाग एवं एंटरप्राइज़ फैसिलिटेशन सेंटर के संयुक्त सहयोग से डेवलपमेंट कमिश्नर, एमएसएमई द्वारा प्रायोजित ‘इंटरप्रेन्योरशिप अवेयरनेस प्रोग्राम’ का आयोजन विश्वविद्यालय के अटल हॉल में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता, स्वरोजगार तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. नीरज शुक्ला के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को कार्यक्रम के उद्देश्य से अवगत कराते हुए उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज़ैबुन निसा ने किया। इंजी. राजन यादव ने विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), मुद्रा लोन, मुख्यमंत्री युवा योजना तथा एमएसएमई पंजीकरण सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से युवा अपने व्यावसायिक विचारों को स्वरोजगार और उद्यम के रूप में विकसित कर सकते हैं। डॉ. अर्पित शैलेश ने डीपीआर (Detailed Project Report) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए परियोजना की प्रभावी योजना और उसके व्यावहारिक क्रियान्वयन को उद्यम की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया। श्री अनिल अग्रवाल ने विद्यार्थियों को सुनियोजित प्रयास, जोखिम उठाने की क्षमता, समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से अपने कौशल और विचारों को अवसरों में परिवर्तित करते हुए विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

विशेष अतिथि डॉ. नीरज बोरा ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को उद्यमिता एवं रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को पारंपरिक रोजगार की तलाश के साथ-साथ रोजगार सृजन की दिशा में भी सोच विकसित करनी चाहिए।कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच, नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में नए विचारों को वास्तविक स्वरूप देने की क्षमता है और उचित मार्गदर्शन एवं दृढ़ संकल्प के माध्यम से वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। कार्यक्रम में श्री रंजीत कुमार वर्मा, डॉ. पूजा मिश्रा, डॉ. मृदुल सोनी, डॉ. संदीप कौर एवं श्री शादाब सुहैल की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम का समापन डॉ. अनुभव तिवारी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।