ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय ने गुरुवार को अपना 17वां स्थापना दिवस समारोह उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया। परिसर स्थित अटल भवन में आयोजित समारोह में आईआईएम के निदेशक प्रो. एम.पी. गुप्ता मुख्य अतिथि रहे, जबकि अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने की।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं कुलपति द्वारा ‘AI मंथन 1.0’ के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों एवं प्रदर्शनी के अवलोकन से हुआ। इसके पश्चात अटल सभागार में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय कुलगीत की प्रस्तुति के बाद अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, उपलब्धियों और प्रमुख गतिविधियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई, जिसमें स्थापना से लेकर वर्तमान तक विश्वविद्यालय की विकास यात्रा को दर्शाया गया।

मुख्य अतिथि आईआईएम लखनऊ के निदेशक प्रो. एम.पी. गुप्ता ने ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 17वें स्थापना दिवस पर विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आईआईएम और भाषा विश्वविद्यालय मिलकर स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमशीलता के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए नए अवसर विकसित कर सकते हैं। प्रो. गुप्ता ने कहा कि वर्तमान तकनीकी युग में भाषाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ जोड़कर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को अपने आइडिया और रचनात्मक सोच को रिसर्च, इनोवेशन और डेवलपमेंट से जोड़ते हुए उन्हें व्यावहारिक एवं समाजोपयोगी रूप देने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के नए विचारों को सही मार्गदर्शन, शोध और तकनीकी सहयोग मिले तो वे प्रभावी स्टार्टअप और नवाचार का आधार बन सकते हैं। इसी दिशा में दोनों संस्थानों का सहयोग विद्यार्थियों को अपने विचारों को वास्तविक परियोजनाओं और उद्यमों में बदलने के लिए बेहतर मंच प्रदान कर सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 17वां स्थापना दिवस संस्थान की अब तक की यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को नए संकल्प के साथ आगे बढ़ाने का अवसर है। विश्वविद्यालय का आदर्श वाक्य ‘भाषा विश्वं योजयति’ उसकी मूल भावना को दर्शाता है। भाषा के माध्यम से समाज, संस्कृति और विचारों को जोड़ते हुए विश्वविद्यालय ज्ञान के व्यापक क्षितिज से विद्यार्थियों को जोड़ने का कार्य कर रहा है। इसी क्रम में अवधी सहित विभिन्न भाषाओं के अध्ययन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रो. तनेजा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को कौशल और तकनीक से जोड़ना आवश्यक है। उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से कौशल-आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। साथ ही स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), शोध और नवाचार को बढ़ावा देकर युवाओं के विचारों को नई दिशा देने पर जोर है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल अतीत को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि भविष्य की प्राथमिकताएं तय करने का संकल्प दिवस भी है। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों, खेल और मीडिया क्लब जैसे मंचों को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। शिक्षा, कौशल, तकनीक और संस्कृति के समन्वय के साथ विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाना हमारा निरंतर प्रयास रहेगा।

स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के तहत विद्यार्थियों में सामाजिक सरोकार, सेवा भावना और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों के साथ विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें फोटोग्राफी, रील मेकिंग सहित अन्य प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और सामाजिक संवेदनशीलता का परिचय दिया। प्रतियोगिताओं एवं स्थापना दिवस के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को समारोह में पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। विश्वविद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं व्यवस्थाओं में योगदान देने वाले सफाई मित्रों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों ने गीत, संगीत और नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत कीं। प्रस्तुतियों ने सभागार में उत्सव एवं उल्लास का वातावरण बना दिया।

स्थापना दिवस के इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रथम महिला श्रीमती मोनिका तनेजा, कुलसचिव विकास, वित्त अधिकारी संतोष कुमार, डीन अकादमिक प्रो. सौबान सईद, प्रो. मसूद आलम, प्रो. हैदर अली, उपकुलसचिव मो. साहिल सहित सभी शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. धीरेन्द्र सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नलिनी मिश्रा की ओर से किया गया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।