ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा सहित विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने दोनों महान विभूतियों के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी एवं स्व. लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके पश्चात सचिन शुक्ला ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम’ का भावपूर्ण गायन प्रस्तुत किया, जबकि डॉ. अराधना अस्थाना ने सत्य और अहिंसा के गांधीवादी विचारों पर प्रकाश डालते हुए ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ भजन प्रस्तुत किया। दोनों प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम के वातावरण को श्रद्धा और आध्यात्मिक भाव से भर दिया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उनका स्मरण करना नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी एक प्रभावशाली मास लाइन कम्युनिकेटर थे, जिन्होंने अपने विचारों और संवाद के माध्यम से देश के दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य किया। गांधीजी के व्यक्तित्व और विचारों की देश के साथ-साथ विदेशों में भी व्यापक पहचान रही है और उनकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि विदेशों में लगभग 46 तथा भारत में 53 प्रमुख सड़कों का नाम महात्मा गांधी के नाम पर होना उनके व्यक्तित्व के व्यापक प्रभाव और लोकप्रियता को दर्शाता है। प्रो. तनेजा ने कहा कि गांधीजी ने देश को सत्य, अहिंसा और एकता के सूत्र में जोड़ने का कार्य किया। इसी प्रकार, लाल बहादुर शास्त्री ने देश के कठिन दौर में दृढ़ नेतृत्व प्रदान करते हुए राष्ट्र को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका सादगीपूर्ण, ईमानदार और राष्ट्रनिष्ठ जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। इन दोनों महापुरुषों के व्यक्तित्व और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस पावन अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान में सहभागिता करते हुए परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने का संदेश दिया।कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव श्री विकास ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, अधिकारियों, शिक्षणेतर कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के जीवन और विचारों को जानना तथा उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेना वर्तमान पीढ़ी के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन-मूल्यों को समझने तथा उनकी प्रेरणा को अपने व्यवहार और आचरण में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को महापुरुषों के आदर्शों से परिचित कराना और उनके विचारों को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विपिन ने किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने समारोह को भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी बनाया। अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।