स्वच्छता सेवा संकल्प अभियान से गूंजा भाषा विश्वविद्यालय, स्वच्छ पर्यावरण और नशामुक्ति का दिया संदेश
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में स्वच्छता सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न जागरूकता गतिविधियां कुलपति प्रो अजय तनेजा के सरंक्षण में आयोजित की गईं। अभियान के तहत एनसीसी कैडेट्स ने प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण का संदेश दिया, रोवर यूनिट ने नशा मुक्ति एवं जागरूकता के लिए सर्वे अभियान चलाया, जबकि विधि संकाय में विद्यार्थियों को हाथ धोने एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
विश्व आवास दिवस के अवसर पर 20 यूपी गर्ल्स बटालियन से संबद्ध विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स ने पोस्टर मेकिंग के माध्यम से प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों को प्रदर्शित किया। कैडेट्स ने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने, पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने और कपड़े के थैलों के नियमित प्रयोग का संदेश दिया। एनसीसी एएनओ डॉ. लेफ्टिनेंट बुशरा अलवेरा ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी योगदान दिया जा सकता है।
इसी क्रम में रोवर यूनिट द्वारा नशा मुक्ति एवं जागरूकता अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय के आवासीय क्षेत्रों एवं छात्रावासों में विशेष सर्वे अभियान चलाया गया। नोडल अधिकारी डॉ. उधम सिंह के निर्देशन एवं रोवर्स प्रभारी डॉ. मानवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में रोवर्स ने डोर-टू-डोर एवं छात्रावासों में जाकर डाटा कलेक्शन किया। सर्वे के दौरान विशेष रूप से रेजिस्टेंस टाइप-2, टाइप-3 एवं टाइप-4 को चिन्हित किया गया। साथ ही युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
वहीं विधि संकाय द्वारा विश्व हैंड वॉशिंग डे के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य डॉ. श्वेता त्रिवेदी, डॉ. आशीष शाही एवं डॉ. राजकुमार परचेता सहित लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने स्वच्छता तथा हाथ धोने की सही आदत के स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास में महत्व पर विचार व्यक्त किए। विभिन्न संवाद एवं वाद-विवाद गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. कृष्ण मुकुंद, सहायक आचार्य, विधि संकाय द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन स्वच्छता की शपथ एवं राष्ट्रगान के साथ सम्पन्न हुआ.