ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के शिक्षा शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष एवं सह आचार्य डॉ. नलिनी मिश्रा को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान’ से सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर द इंटरनेशनल सेंटर, कानपुर द्वारा आयोजित एक गरिमामय समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने डॉ. नलिनी मिश्रा को बधाई देते हुए कहा, “शिक्षक किसी भी समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षण के साथ शोध, नवाचार और विद्यार्थियों का समग्र विकास उच्च शिक्षा के प्रमुख आधार हैं। डॉ. नलिनी मिश्रा को मिला यह सम्मान विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। मुझे विश्वास है कि उनकी उपलब्धि अन्य शिक्षकों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।समारोह में उपस्थित प्रख्यात शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में संस्थान के पदाधिकारियों ने डॉ. नलिनी मिश्रा को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें उच्च शिक्षा में नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित करने, शोध कार्यों में योगदान देने, विद्यार्थियों के समग्र मार्गदर्शन तथा शैक्षणिक उन्नयन के लिए उनके समर्पित प्रयासों के दृष्टिगत प्रदान किया गया।

सम्मान प्राप्त करने के उपरांत डॉ. नलिनी मिश्रा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि संवेदनशील, जिम्मेदार और राष्ट्र निर्माण के प्रति सजग नागरिकों का निर्माण करना भी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में और अधिक निष्ठा, समर्पण तथा प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा। डॉ. नलिनी मिश्रा की इस उपलब्धि से ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक समुदाय में हर्ष का वातावरण है। यह सम्मान उच्च शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और विद्यार्थी-केंद्रित शैक्षणिक दृष्टिकोण के प्रति उनके निरंतर समर्पण को रेखांकित करता है। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राध्यापक, शोधकर्ता तथा अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।