केएमसी भाषा विश्वविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मनोवैज्ञानिक परीक्षण शिविर आयोजित
लखनऊ, 13 अक्टूबर 2026। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के मनोविज्ञान विभाग द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में मनोवैज्ञानिक परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें अपने मनोवैज्ञानिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर ढंग से समझने के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र विकास का अभिन्न अंग है। विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं और तनाव को समझते हुए समय रहते उचित मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों को अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने के साथ-साथ उन्हें तनाव प्रबंधन और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में भी सहायता प्रदान करते हैं। कुलपति ने मनोविज्ञान विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके मानसिक और भावनात्मक कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं के आकलन के लिए कई प्रकार के परीक्षण किए गए। इनमें व्यक्तित्व परीक्षण, सामान्य मानसिक स्वास्थ्य का आकलन, तनाव परीक्षण तथा संवेगात्मक बुद्धिमत्ता (इमोशनल इंटेलिजेंस) से संबंधित परीक्षण प्रमुख रहे। इन परीक्षणों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व, भावनात्मक व्यवहार, तनाव के स्तर और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिला।
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने शिविर में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। शिविर ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने, अपनी भावनात्मक स्थिति को समझने तथा दैनिक जीवन में तनाव प्रबंधन के महत्व को जानने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शारीरिक स्वास्थ्य की तरह मानसिक स्वास्थ्य भी व्यक्ति के समग्र विकास और जीवन की गुणवत्ता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से युवाओं के लिए अपनी भावनाओं को समझना, तनाव का उचित प्रबंधन करना और आवश्यकता पड़ने पर मनोवैज्ञानिक परामर्श प्राप्त करना आवश्यक है।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और आयोजकों के सामूहिक प्रयासों से शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन के माध्यम से विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग ने विद्यार्थियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा विश्वविद्यालय परिसर में मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।