आजमगढ़, 15 अक्टूबर। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को डांडिया महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होने वाले इस महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ना तथा परिसर में सांस्कृतिक सहभागिता, सामाजिक समरसता और सामूहिकता की भावना को बढ़ावा देना है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।

डांडिया महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक नृत्य, संगीत और उत्सवी संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन शैक्षणिक गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने और उनमें सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान विकसित करने की दिशा में एक पहल है।

कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि डांडिया महोत्सव का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ने के साथ विश्वविद्यालय परिसर में सांस्कृतिक चेतना एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना भी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ उनमें आपसी सहयोग, एकता और सामूहिक सहभागिता की भावना मजबूत करते हैं। भारतीय संस्कृति हमारी समृद्ध विरासत है और युवा पीढ़ी को इससे जोड़ना समय की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपनी परंपराओं को समझते हुए उन्हें आगे बढ़ाएं।

कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. रेनू तिवारी हैं। आयोजन समिति में विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री अमृत लाल के साथ डॉ. अनुराग कुमार सिंह, डॉ. शिवांगी सिंह और डॉ. सपना त्रिपाठी शामिल हैं। समिति की ओर से कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से इतर गतिविधियों में भागीदारी का अवसर देते हैं और परिसर में उत्साहपूर्ण, रचनात्मक एवं सांस्कृतिक वातावरण विकसित करने में सहायक होते हैं।

*स्थान: विश्वविद्यालय परिसर, महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़

दिनांक: शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026*