झाँसी। खाद्य अपशिष्ट से पौष्टिक उत्पाद बनाने से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से अनाज की सफाई तक, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने खाद्य क्षेत्र की चुनौतियों के अभिनव समाधान प्रस्तुत किए। विश्व खाद्य दिवस 2026 के उपलक्ष्य में इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एवं आईईटी के खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से ‘इनोवेट टुडे, नरिश टुमॉरो’ थीम पर आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने स्टार्टअप आइडिया, आधुनिक तकनीक और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

आईईटी के निदेशक एवं इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष प्रो. डी.के. भट्ट ने विद्यार्थियों के नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि खाद्य प्रौद्योगिकी में नए विचारों को व्यावसायिक रूप देकर रोजगार और उद्यमिता के अवसर विकसित किए जा सकते हैं। ऐसे आयोजन युवाओं को भविष्य की खाद्य चुनौतियों का समाधान खोजने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

‘फूडप्रेन्योर 2026’ स्टार्टअप पिच चैलेंज में विद्यार्थियों ने ‘व्हे-गो’ और ‘व्हे-पोप्स’ के माध्यम से व्हे से प्रोटीनयुक्त पेय और फ्रोजन स्नैक बनाने के विचार प्रस्तुत किए। ‘बनाना लूप’ में केले के गूदे और छिलकों का उपयोग, ‘फाइटोगम बायो’ में प्राकृतिक खाद्य स्थिरीकारक तथा ‘सिंकडी’ में विशेष पोषण आवश्यकताओं पर आधारित उत्पाद विकसित करने की अवधारणा रखी गई।

वहीं, ‘एआई4फूड’ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने फलों से बीज निकालने की मशीन, नए उद्यमियों के लिए ‘फूडफाउंडर एआई’ प्लेटफॉर्म, कंप्यूटर विजन से अनाज में मिले कंकड़-पत्थर अलग करने और क्लाउड किचन प्रबंधन की तकनीक प्रस्तुत की। इन नवाचारों में खाद्य प्रसंस्करण को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने पर जोर रहा।

पोस्टर प्रतियोगिता में 34 प्रतिभागियों ने अंतरिक्ष यात्रियों के भोजन, पौध-आधारित खाद्य उत्पाद, सतत खाद्य प्रणाली, बीज जीनोमिक्स और डिजिटल ट्विन तकनीक जैसे विषयों पर प्रस्तुति दी। ‘फूडआईक्यू’ प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों ने खाद्य विज्ञान से जुड़े ज्ञान और तार्किक क्षमता का प्रदर्शन किया। इसके साथ क्रिकेट, कैरम, रस्साकशी और दौड़ प्रतियोगिताओं में भी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रमों का समन्वय डॉ. रवि कुमार, डॉ. प्रियंका पांडे, इंजीनियर अंजलि श्रीवास्तव, डॉ. नम्रता सोनी, इंजीनियर श्रद्धा त्रिपाठी और अदिति जैन ने किया। खेल गतिविधियों का संचालन अमरदीप सिंह ने किया। निर्णायक मंडल में प्रो. सौरभ श्रीवास्तव, प्रो. पूनम पुरी, डॉ. शशिकांत वर्मा, प्रो. श्रीदेवी, डॉ. लवकुश द्विवेदी, डॉ. सुमिरन श्रीवास्तव, डॉ. विनीत कुमार, डॉ. जितेंद्र वर्मा और डॉ. साक्षी दुबे शामिल रहे। इस अवसर पर डॉ. राजीव बबेले, डॉ. कन्हैयालाल सोनकर, डॉ. सपना सक्सेना एवं डॉ. विनोद बौद्ध उपस्थित रहे।