महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में धूमधाम से मना डांडिया महोत्सव, गरबा की थाप पर थिरके छात्र-छात्राएं
आजमगढ़, 16 अक्टूबर। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के परिसर में डांडिया महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। माननीय कुलपति प्रो. संजीव कुमार के निर्देशन में आयोजित इस महोत्सव में छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में गरबा और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों से समा बांध दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं संस्कृत श्लोक के साथ हुआ। इसके बाद छात्राओं द्वारा प्रस्तुत माँ दुर्गा स्तुति और महिषासुर वध की नृत्य-नाटिका ने सभी का मन मोह लिया।
महोत्सव में दुर्गा शक्ति डांडिया ग्रुप और जय अम्बे गरबा ग्रुप ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। ढोल-नगाड़ों और गरबा गीतों की थाप पर छात्र-छात्राएं देर तक थिरकते रहे, जिससे पूरा विश्वविद्यालय परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा।
कुलपति बोले- डांडिया शक्ति और एकता का प्रतीक
अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा, "नवरात्रि शक्ति की उपासना का पर्व है और डांडिया उसी शक्ति, उत्साह और एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन हमारी भारतीय संस्कृति को जीवंत रखते हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार और व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है। आज मंच पर हमारी बेटियों ने जिस ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, वह नारी सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है।"
कुलसचिव ने दी नवरात्रि की शुभकामनाएं
समापन अवसर पर कुलसचिव श्री अमृत लाल ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा, "आप सभी को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। यह महोत्सव हमारे विश्वविद्यालय परिवार की एकता और सांस्कृतिक चेतना को दर्शाता है। मैं इस सफल आयोजन के लिए संयोजिका डॉ. रेनू तिवारी और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं। विश्वविद्यालय भविष्य में भी छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए ऐसे मंच प्रदान करता रहेगा।"
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. रेनू तिवारी रहीं, जबकि आयोजन कुलसचिव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। आयोजन समिति के सदस्य डॉ. अनुराग कुमार सिंह, डॉ. शिवांगी सिंह और डॉ. सपना त्रिपाठी ने व्यवस्थाएं संभाली।इस अवसर पर शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सामूहिक डांडिया और जलपान के साथ महोत्सव का समापन हुआ।