संतुलित पोषण के लिए थाली में विविध खाद्य पदार्थों का होना जरूरी : कल्पना सिंह
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर ‘आहार विविधता : पोषण संबंधी पर्याप्तता की कुंजी’ विषय पर विशेष जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संतुलित पोषण, खाद्य सुरक्षा और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था।
कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग की डीन एवं विभागाध्यक्ष प्रो. तत्हीर फात्मा ने आयोजन का नेतृत्व किया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता इंटीग्रल विश्वविद्यालय, लखनऊ के एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर श्रीमती कल्पना सिंह रहीं।अपने व्याख्यान में कल्पना सिंह ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल पर्याप्त मात्रा में भोजन करना ही जरूरी नहीं है, बल्कि भोजन में विभिन्न खाद्य समूहों का समुचित समावेश भी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि अनाज, दालें, हरी सब्जियां, फल और डेयरी उत्पादों को संतुलित मात्रा में दैनिक आहार में शामिल करने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त करने में मदद मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को खानपान में विविधता अपनाने तथा पोषण संबंधी आवश्यकताओं के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। विश्व खाद्य दिवस की थीम ‘बेटर फूड, बेटर हेल्थ, अ ब्राइटर फ्यूचर’ के संदर्भ में आयोजित इस व्याख्यान में स्वस्थ भोजन की आदतों, पोषण की महत्ता और बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई। वक्ता ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए दैनिक जीवन में आहार विविधता अपनाने के व्यावहारिक सुझाव भी दिए।
कार्यक्रम के समन्वय में डॉ. कीर्तिमा सचान, डॉ. कल्पना देवी एवं डॉ. अंजलि सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। व्याख्यान में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।