झांसी। भूविज्ञान का क्षेत्र अब केवल खनिजों की खोज तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा, खनन, रिमोट सेंसिंग और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में भी करियर की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं। बदलती तकनीक के साथ अपनी दक्षता बढ़ाने वाले युवाओं के लिए इस क्षेत्र में रोजगार और अनुसंधान के नए अवसर खुल रहे हैं। यह बात अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के सीनियर मैनेजर अद्वैत सक्सेना ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आयोजित तृतीय अटल व्याख्यान में कही।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के भूगर्भ विज्ञान विभाग एवं एल्युमनाई सेल के संयुक्त तत्वावधान में 'एल्युमनाई टॉक एंड लेक्चर (अटल) सीरीज-2026' के अंतर्गत शुक्रवार को 'भूविज्ञान के माध्यम से भविष्य को आकार देना' विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया।
मुख्य वक्ता विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के मणिकगढ़ सीमेंट वर्क्स, चंद्रपुर (महाराष्ट्र) में माइंस ऑपरेशन (प्लानिंग एवं जियोलॉजी) के सीनियर मैनेजर एवं सेक्शन हेड अद्वैत सक्सेना ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने खनन उद्योग के अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को खनिज अन्वेषण, संसाधन प्रबंधन और औद्योगिक क्षेत्र में भूवैज्ञानिकों की भूमिका से परिचित कराया।
सक्सेना ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग और पर्यावरण संरक्षण आज बड़ी चुनौती है। ऐसे में सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित भूवैज्ञानिकों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव, आधुनिक तकनीक और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।
विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक प्रो. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि पूर्व छात्रों का अनुभव वर्तमान विद्यार्थियों को शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी कम करने में मदद करता है। ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों को करियर की दिशा तय करने और व्यावसायिक चुनौतियों को समझने का अवसर देते हैं। प्रो. एम.एम. सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भूविज्ञान में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए निरंतर अध्ययन और कौशल विकास पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय डॉ. चेतन आनंद दुबे ने किया। हाइब्रिड माध्यम से आयोजित व्याख्यान में विभाग के शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।