ज्योतिष से भी होगा कोरोना का निदान :पंडित ऋषि द्विवेदी

Update: 2021-05-25 04:27 GMT

1 साल से ऊपर हो गया लेकिन अभी अभी तक इस महामारी से राहत नजर नहीं आ रहा है ग्रहों की चाल पर जब काशी के प्रकांड ज्योतिष विद्वानो ने मंथन किया बल्कि कोरोना की कुंडली भी तैयार की तो चौंकाने वाला परिणाम सामने आया |

ग्रहों के उलटफेर ने ऐसा खेल खेला कि आज पूरी दुनिया को कोरोना महामारी से परेशान है मिथुन राशि के दुर्योग  में कोरोना जन्मा जो सिर्फ कष्ट देने वाला है लेकिन इसका भी निदान ज्योतिष शास्त्र में है काशी के प्रकांड विद्वान पंडित ऋषि द्विवेदी की मानें तो कोरोना  की जन्म राशि की कुंडली को देखा जाए तो मिथुन राशि के दुर्योग में जन्मा   कोरोना राशि लग्न में ही चंद्रमा राहु का ग्रहण योग क्रियान्वित हो रहा है तो सप्तम भाव में बृहस्पति शनि केतु की युति तो इन तीनों ग्रहों की लगन पर पूर्ण दृष्टि पड़ रही है | 

देखा जाए तो करो ना के लग्न में राहु चंद्र की यूति  ज्योतिष में राहु को एक छाया  ग्रह मानते हैं|  यही कोरोना भी अदृश्य है  ज्योतिष शास्त्र में राहु को पाप एवं क्रूर ग्रह जिसका स्वभाव  रंग बदलने वाला एक्सीडेंट कारक अचानक घटना दुर्घटना को देना इसका पता लगा पाना बड़ा ही कठिन होता है| 

अर्थात कोरोना शत्रु  के प्रभाव के चलते ही तरह-तरह का रुप बदल रहा है तो वही चंद्रमा के साथ होने से ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को फेफड़े तथा सर्दी जुखाम खांसी का कारक माना गया है इसलिए कोरोना  ने फेफड़ों गला कान आंख पर भी अपना प्रभाव दिखा रहा है |

क्योंकि राहु छाया ग्रह है इसलिए कोरोना भी अदृश्य है राहु  संक्रमण का सबसे बड़ा कारक ग्रह होता है संक्रमण की गति और तेज तब हो जाती है जब राहु पर शनि की दृष्टि हो हालांकि कोरोना  की जन्म राशि पर राहु चंद्र शनि बृहस्पति केतु इन पांचों ग्रह का प्रभाव है अर्थात इन ,5 ग्रह के दुर्योग  से कोरोना के तमाम रूप दिख रहे हैं तो वही विश्व पटल पर फैलने का सबसे बड़ा वजह कोरोना  की कुंडली में बुध पंचम भाव में मंगल के साथ बैठा हुआ है| 

जैसा कि मंगल पृथ्वी पुत्र उसके साथ बुध के बैठने में ही ग्रह धरती पर तेजी से संक्रमित हो रहा है देखा जाए तो ज्योतिष शास्त्र में कुंडली निर्माण के साथ ही कोरोना  का प्रभाव उन लोगों पर ज्यादा देखने को मिलेगा जिनकी कुंडली में राहु शनि केतु बृहस्पति की अशुभ अर्थात इन चारों ग्रह कुंडली के द्वितीय भाव  षष्ट भाव्   सप्तम भाव अष्टम भाव को इनमें से कोई ग्रह  वर्तमान में प्रभावित कर रहे हो यह इनकी महादशा अंतर्दशा प्रत्यंतर दशा में चारों ग्रहों जैसे कोई भी ग्रह मारक हो वह गोचर में भी जिन लोगों की कुंडली में चारों ग्रह अशुभ भाव में संरक्षण कर रहे हो उनको भी कोरोना होने की आशंका बनी रहेगी |

कोरोना से निदान --------


निदान में शत प्रतिशत गारंटी तो नहीं दी जा सकती लेकिन इन ज्योतिषीय निदान को नकारा भी नहीं जा सकता हमारे यहां आयुर्वेद में वर्णित है कि आयुर्वेद के नियम से पहले ग्रहों का ज्योतिष निदान करें इसके लाभ शत प्रतिशत होने की संभावना बढ़ जाती है ज्योतिष निदान में कोरोना  की कुंडली के साथ कोरोना पीड़ित व्यक्ति की कुंडली हो तो बहुत हद तक कोरोना  को कम किया जा सकता है |

फिर भी कोरोना  पीड़ित व्यक्ति के उपाय के तौर पर मोती व गोमेद एक साथ धारण करने से  शरीर करने से शरीर में संक्रमण की गति कमजोर होती है तो शनि के लिए छाया दान बृहस्पति के पीली वस्तु का दान करना चाहिए राहु मंत्र के साथ महामृत्युंजय मंत्र दुर्गा सप्तशती रोग नाशक मंत्र के साथ ही भगवान भास्कर को अर्घ्य देने से कोरोना पीड़ित को लाभ  मिलेगा जिनको कोरोना  होने की आशंका हो वह यह भी करे तो निश्चित रूप से लाभ होता नजर आएगा | 

इन पांचों ग्रहों में से जो भी ग्रह विपरीत फल दे रहे हैं उनकी शनि  के साथ नवग्रह औषधियों से स्नान करने पर निश्चित लाभ होगा| 



 पंडित ऋषि दिवेदी की कई भविष्यवाणियां हुई सच  --------------

 श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व कार्यपालक समिति सदस्य काशी के प्रकांड विद्वान परिषद के संगठन मंत्री व केंद्रीय ब्राह्मण सभा के संरक्षक पंडित ऋषि द्विवेदी की कई भविष्यवाणियां सच हो चुकी हैं इनमें 2020 में जब को रोना आया था उसके पहले ही महामारी के बारे में उन्होंने सावधान किया था इसके बाद नेपाल में आए भूकंप की भविष्यवाणी भी की थी यही नहीं राम मंदिर बनने की भविष्यवाणी भी की थी इसके अलावा तमाम राजनैतिक मुद्दों पर भी भविष्यवाणियां कर चुके हैं

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