भारत बंद करने पर बोले राकेश टिकैत - इमरजेंसी सेवाएं नहीं होंगी ठप, 10 साल लग जाए पर सरकार को हमारी शर्त माननी पड़ेगी

Update: 2021-09-27 06:36 GMT



केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ आज करीब 1 साल पूरा होने को आ रहा है |  दिल्ली की सड़कों पर देश भर से किसान डेरा जमाए बैठे हैं। जिसके बाद किसानों ने एक बार फिर भारत बंद करने का निर्णय लिया है।

वहीं दूसरी तरफ भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कृषि कानूनों को वापस लेने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि चाहे 10 साल लग जाएं, लेकिन हम अपनी मांगों से पीछे नहीं हटने वाले हैं‌ सड़क जाम होने से जनता को हो रही परेशानियों पर टिकैत ने कहा कि जनता को समस्या हो रही है,आज लोगों की छुट्टी है और इसे ऐसे देखना चाहिए।

इतना ही नहीं आपको बता दे भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष ने कहा कि कृषि मंत्री कहते हैं कि बातचीत के लिए आएं. हम कृषि मंत्री से कहना चाहते हैं कि सरकार हमें समय और जगह बताएं। ये सिर्फ़ बोलने के लिए कहते हैं कि बातचीत के लिए आएं। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए बिना शर्त बुलाए,चाहे 10 साल लगें हम यहां से नहीं जाएंगे।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि भारत बंद के तहत दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे जाम कर दिया गया है। इतना ही नहीं दिल्ली और यूपी के बीच गाजीपुर बॉर्डर पर ही किसानों का डेरा है। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने पंडित राम शर्मा स्टेशन पर प्रवेश और निकासी बंद कर दी है। हरियाणा के बहादुर गढ़ में किसान रेल ट्रैक पर बैठ गए हैं,इससे रेलगाड़ियों की आवाजाही पर असर पड़ा है।

भारत बंद कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि एंबुलेंस, डॉक्टर और आपात सेवाओं से जुड़े अन्य लोगों को बंद के दौरान नहीं रोका जाएगा। टिकैत ने सफाई में कहा कि हम कुछ ठप नहीं करना चाहते, हम सिर्फ सरकार को संदेश देना चाहते हैं, हमने दुकानदारों से 4 बजे तक दुकानें बंद रखने की अपील की है।

नेहा शाह

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