भारत आज सर्जिकल स्ट्राइक की दसवीं वर्षगांठ मना रहा है। 28 और 29 सितंबर 2016 की रात सेना ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ लक्षित कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई 18 सितंबर को हुए उरी आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 18 भारतीय जवान शहीद हुए थे।
इस कार्रवाई ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सुरक्षा नीति में बदलाव को रेखांकित किया। इसके बाद वर्ष 2019 में बालाकोट और वर्ष 2025 में ऑपरेशन सिंदूर से भी पाकिस्तान पर कार्रवाई की गई।
आकाशवाणी पर कल प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2016 के सर्जिकल स्ट्राइक को एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में आतंकवाद से निपटने के भारत के तरीके में बदलाव आया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक आतंकवादी हमलों के लंबे दौर के बाद भारत की निर्णायक कार्रवाई थी। उन्होंने वर्ष 2008 में दिल्ली में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों और मुंबई के 26/11 आतंकी हमलों को याद किया। श्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति अब ‘आतंकवाद के प्रति कतई बर्दाश्त न करने की है।