निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के निर्देश दिए
निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पहली जनवरी 2027 को पात्रता की तारीख तय की गई है। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरलम, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुद्दुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
आयोग ने कहा है कि उसने 29 सितंबर को निर्देश जारी किए थे कि जो लोग अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, जो युवा हैं, या जो पहली बार मतदाता बनने के योग्य हैं, उन्हें जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए। आयोग ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में, जहां अभी तक विशेष पुनरीक्षण अभियान शुरू नहीं हुआ है, वहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्यक्रम उचित समय पर घोषित किया जाएगा।
आयोग के अनुसार, संबंधित विधानसभा क्षेत्र के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो। इस प्रक्रिया में बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच नहीं करेंगे।
युवा और पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों की सुविधा के लिए पहली जनवरी 2027 के अलावा अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर 2027 की पहली तारिख को पात्र होने वाले लोग भी मतदाता पंजीकरण के लिए पहले से आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए जिला स्तर पर सहायता केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों पर प्रवासी, कमजोर और वंचित वर्गों के लोगों को पंजीकरण में मदद दी जाएगी।